सांसद राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी छोड़ बीजेपी का दामन थाम लिया है। उनके साथ सात और सांसद बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं। राघव चड्ढा का कहना है कि वे आम आदमी पार्टी को उनके गलत कामों में समर्थन नहीं दे सकती है। राघव ने यह कदम तब उठाया है जब आम आदमी पार्टी ने उनको राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया। पार्टी ने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा ने पंजाब से जुड़े मुद्दे संसद में नहीं उठाए। उनकी तरफ से आम आदमी पार्टी की विचारधारा को आगे नहीं बढ़ाया गया।
आरोप-प्रत्यारोप के बीच सच्चाई जानने की कोशिश करते हैं। क्या राघव चड्ढा ने सच में राज्यसभा में काम नहीं किया, क्या आम आदमी पार्टी जो आरोप लगा रही है, वो बिल्कुल सही हैं? इन दावों की पड़ताल राज्यसभा के डेटा द्वारा की जा सकती है। राज्यसभा का आधिकारिक डेटा राघव चड्ढा का रिपोर्ट कार्ड है पेश करता है। नीचे दिए गए इंफोग्राफिक से राघव चड्ढा का राज्यसभा कार्यकाल समझने की कोशिश करते हैं-
राघव चड्ढा की संसद उपस्थिति 84% है, जबकि राज्य सभा का राष्ट्रीय औसत 79% है। यह दर्शाता है कि वे नियमित रूप से संसद सत्र में भाग लेते हैं और इस पैमाने पर औसत से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
राघव चड्ढा ने 9 निजी सदस्य विधेयक पेश किए हैं। राज्य सभा में एक सांसद का औसत 1 से 2 विधेयक होता है। यह इस मानदंड पर उनका असाधारण प्रदर्शन दर्शाता है — लगभग 5 गुना अधिक।
राघव चड्ढा ने अब तक 344 प्रश्न पूछे हैं। राष्ट्रीय औसत 198 प्रश्न है। यानी वे सवाल पूछने में 74% अधिक सक्रिय हैं — सरकार से जवाबदेही मांगने में अग्रणी।
राघव चड्ढा ने केवल 55 बहसों में भाग लिया है, जबकि राष्ट्रीय औसत 128 बहस है। यह उनका सबसे कमजोर पक्ष है — इस मानदंड पर वे औसत से काफी पीछे हैं।
ऊपर दिए गए इंफोग्राफिक से समझ आता है कि राघव चड्ढा ने नियमित रूप से राज्यसभा अटेंड की है। उनकी उपस्थिति राष्ट्रीय औसत से काफी बेहतर है। नीचे दी गई टेबल से जानते हैं कि राज्यसभा के किस सत्र में राघव चड्ढा की कितनी उपस्थिति रही है-
| सत्र | उपस्थिति |
| मानसून सत्र 2025 | 67% |
| बजट सत्र 2026 | 96% |
| 18वीं लोकसभा का पहला सत्र | 60% |
| शीतकालीन सत्र 2022 | 100% |
| बजट सत्र 2024 | 22% |
| शीतकालीन सत्र 2024 | 95% |
| बजट सत्र 2025 | 73% |
| मानसून सत्र 2023 | 88% |
| शीतकालीन सत्र 2025 | 87% |
| मानसून सत्र 2022 | 94% |
| शीतकालीन सत्र 2023 | 100% |
| बजट सत्र 2023 | 84% |
| 18वीं लोकसभा का बजट सत्र 2024 | 93% |
राघव चड्ढा के निजी सदस्य विधेयक
निजी सदस्य विधेयक (Private Member Bill) का मतलब होता है कि ऐसा विधेयक जो कोई मंत्री पेश नहीं करता बल्कि यह किसी सामान्य सांसद द्वारा पेश किया जाता है। ज्यादातर इन विधेयकों के जरिए सांसद अपने क्षेत्र के मुद्दे उठाने की कोशिश करते हैं, कुछ मौकों पर राजनीतिक एजेंडा सेट करने और सरकार पर दबाव बनाने के लिए भी ऐसे विधेयक लाए जाते हैं। ये विधायक कानून बन जाए, इसकी संभावना काफी कम होती है।
राज्यसभा का डेटा खंगालने पर पता चलता है कि राघव चड्ढा ने 9 निजी सदस्य विधेयक पेश किए हैं। नीचे दी गई टेबल से इसे समझते हैं-
| प्रस्तुत करने की तिथि | विधेयक का नाम | वर्तमान स्थिति |
| 13-03-2026 | एसेट टोकनाइजेशन (विनियमन) विधेयक, 2026 | लंबित |
| 05-12-2025 | जन प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयक, 2024 | लंबित |
| 05-12-2025 | लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2024 | लंबित |
| 05-12-2025 | आपराधिक कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 | लंबित |
| 08-12-2023 | संविधान (संशोधन) विधेयक, 2022 (अनुच्छेद 153, 154 आदि में बदलाव) | लंबित |
| 08-12-2023 | मनी लॉन्ड्रिंग निवारण (संशोधन) विधेयक, 2022 | लंबित |
| 08-12-2023 | मानहानि अपराध समाप्ति (डिक्रिमिनलाइजेशन) विधेयक, 2023 | लंबित |
| 05-08-2022 | न्यूनतम समर्थन मूल्य गारंटी विधेयक, 2022 | लंबित |
| 05-08-2022 | संविधान (संशोधन) विधेयक, 2022 (अनुच्छेद 102, 191 आदि में बदलाव) | लंबित |
राघव चड्ढा के सवालों का पैटर्न
राघव चड्ढा ने राज्यसभा में 344 सवाल पूछे हैं। उनके सवालों का पैटर्न अगर डीकोड किया जाए तो कुछ बातें स्पष्ट हो जाती हैं। उनके ज्यादातर सवाल गवर्नेंस और उसको लेकर जवाबदेही, इकोनॉमी और इंडस्ट्री, सोशल सेक्टर, इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी मुद्दों पर आधारित दिखे हैं। उन्होंने डेटा से जुड़े भी कई सवाल पूछे हैं। अगर राघव चड्ढा के पिछले दो महीने के सवालों के पैटर्न को देखें तो पता चलता है कि उन्होंने PDS, आधार, खाद की गुणवत्ता, किसानों को कर्ज, मजदूर/रेलवे कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़े ज्यादा सवाल पूछे हैं। उनके जनवरी-फरवरी के सवालों का लेखा-जोखा दी गई टेबल में देखें-
| तिथि | सवाल | प्रकार | मंत्रालय |
| 13.02.2026 | न्यूज चैनलों की सामग्री समीक्षा | अतारांकित | सूचना प्रसारण |
| 12.02.2026 | कलाकारों का सामाजिक सुरक्षा | अतारांकित | संस्कृति |
| 11.02.2026 | महिला प्रतिनिधित्व में प्रॉक्सी सिस्टम | अतारांकित | पंचायती राज |
| 10.02.2026 | PDS और आधार | अतारांकित | उपभोक्ता |
| 10.02.2026 | CSR खर्च का उपयोग | अतारांकित | कॉर्पोरेट |
| 09.02.2026 | कोल ब्लॉक आवंटन | तारांकित | कोयला |
| 06.02.2026 | रेलवे कर्मचारियों की सुरक्षा | अतारांकित | रेल |
| 05.02.2026 | सांस्कृतिक विरासत संरक्षण | अतारांकित | संस्कृति |
| 04.02.2026 | किसानों को कर्ज की पहुंच | अतारांकित | सहकारिता |
| 03.02.2026 | खाद गुणवत्ता (PDS) | अतारांकित | उपभोक्ता |
| 02.02.2026 | ARHC योजना समस्याएं | अतारांकित | शहरी कार्य |
| 29.01.2026 | मुफ्त कानूनी सहायता | अतारांकित | कानून |
| 29.01.2026 | विदेशों में भारतीयों की सुरक्षा | अतारांकित | विदेश |
अब राज्यसभा का डेटा आपको बता दिया गया है, साफ पता चलता है कि उपस्थिति, प्राइवेट मेंबल बिल और सवालों के मामले में राघव चड्ढा का प्रदर्शन बाकी सांसदों के मुकाबले बेहतर रहा है। सिर्फ डिबेट के मामले में वे थोड़े कमजोर दिखाई देते हैं। आम आदमी पार्टी के आरोपों के बीच राज्यसभा का डेटा यही सच्चाई बयां करता है।
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