ईरान ने शुक्रवार को अमेरिका के दो फाइटर जेट मार गिराए। इसमें एक था F-15 फाइटर जेट और दूसरा A-10 अटैक एयरक्राफ्ट। इस घटना में एक पायलट को बचा लिया गया है। जबकि दूसरे पायलट का अभी कोई अता-पता नहीं है।

लापता पायलट की मां ने सोशल मीडिया पर अपने बेटे को लेकर चिंता जाहिर की है। मां ने लिखा, “आज रात उन दो F-15 पायलट्स के लिए दुआ करें, जिन्हें कल लड़ाई के दौरान मार गिराया गया। मेरा एक बेटा फाइटर पायलट है और मुझे अभी तक उसकी या उसके यूनिट की कोई खबर नहीं मिली है। मेरा दिल चिंता से भरा हुआ है। कृपया सभी पायलट्स और उनके परिवारों के लिए दुआ करें।”

इस बीच ईरान के पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका स्थित दूतावासों ने एक अमेरिकी F-15 पायलट की मां को तीखा जवाब दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि उनके बेटों को ईरान की हिरासत में रहने से ज्यादा खतरा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ है। दोनों दूतावासों ने एक्स पर एक पोस्ट करके ईरान में कैदियों के साथ किए जाने वाले व्यवहार पर जोर दिया।

पाकिस्तान में ईरानी दूतावास ने लिखा, “आपके बेटे को ट्रंप के साथ ज्यादा खतरा है, ईरान की हिरासत में नहीं। दुआ करो कि वो ईरान के पास कैदी बने रहें। अमेरिकी रेस्क्यू टीम के हाथ न लगें! हम मुसलमान और सभ्य ईरानी हैं, हम कैदियों के साथ इज्जत और सम्मान से पेश आते हैं।”

दक्षिण अफ्रीका में ईरानी दूतावास ने लिखा, “ईरान में बहुत पहले से, जब दुनिया में इंसानी कानून भी नहीं बने थे, तब से युद्धबंदियों के अधिकार तय थे। हम अपने युद्धबंदियों के साथ वैसा बर्ताव नहीं करते जैसा आपके जंगली सहयोगी जियोनिस्ट (इजराइल) करते हैं। हमारी ईरानी सभ्यता है। हम पाषाण युग की तरह नहीं जीते, जैसा अमेरिका करता है।”

ईरानी दूतावास का यह जवाब तब आया जब उस पायलट की मां ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। उन्होंने गुमशुदा F-15 पायलट्स के लिए दुआ मांगी थी।

ईरान ने शुक्रवार को अलग-अलग घटनाओं में दो अमेरिकी सैन्य विमान मार गिराए थे। एक क्रू मेंबर को बचा लिया गया, जबकि एक अभी भी लापता है। ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि एक अमेरिकी A-10 अटैक विमान फारस की खाड़ी में ईरानी रक्षा बलों से टकराव के बाद क्रैश हो गया। हालांकि एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि यह साफ नहीं है कि विमान को मारा गया या खुद क्रैश हुआ।

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध का आज 36वां दिन है। ट्रंप कई बार ईरान को तबाह करने का दावा कर चुके हैं, लेकिन ट्रंप के हर दावे के बाद ईरान की ओर से करारा पलटवार दिया है। ईरान द्वारा मार गिराए गए अमेरिकी फाइटर प्लेन के पायलट की तलाश के लिए गए ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर को भी ईरान ने निशाना बनाया है।

जिनेवा कन्वेंशन 1949 क्या कहता है?

बता दें, अमेरिकी पायलट ईरान की पकड़ में आता है तो उसे युद्धबंदी माना जाएगा। अगर कोई सैन्य पायलट दुश्मन देश की जमीन पर पकड़ा जाता है, तो उसे सामान्य कैदी नहीं बल्कि ‘प्रिजनर ऑफ वॉर’ (POW) यानी युद्धबंदी माना जाता है। जिनेवा कन्वेंशन 1949 के तहत यह साफ तय है कि युद्ध में पकड़े गए सैनिकों को कानूनी सुरक्षा मिलती है। इसका मतलब यह है कि अमेरिकी पायलट अगर ईरान के कब्जे में आता है, तो उसे युद्धबंदी माना जाएगा।

ईरान ने कैसे मार गिराए दो अमेरिकी लड़ाकू विमान? पायलट को खोजने के लिए ऑपरेशन जारी

ईरान ने दावा किया कि उसने दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों को मार गिराया है। हालांकि अमेरिका ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि दो एयरक्राफ्ट हादसे का शिकार हुए हैं और सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। अधिकारियों ने एसोसिएटेड प्रेस (AP) को बताया कि शुक्रवार को ईरान के ऊपर एक F-15E स्ट्राइक ईगल गिर गया। एक क्रू मेंबर को बचा लिया गया है, जबकि दूसरा लापता है। पढ़ें पूरी खबर।