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योगगुरु बिक्रम को 10 लाख डॉलर चुकाने का आदेश, यौन उत्पीड़न का आरोप

बिक्रम योगा के संस्थापक योगगुरु पर आरोप है कि उसने यौन उत्पीड़न की जांच कर रही वकील का यौन उत्पीड़न किया।

Author वाशिंगटन | Published on: January 27, 2016 1:47 AM
बिक्रम योगा के संस्थापक योगगुरु बिक्रम चौधरी पर आरोप है कि उसने यौन उत्पीड़न की जांच कर रही वकील का यौन उत्पीड़न किया। (Source: Bikram Yoga Twitter)

एक अमेरिकी अदालत ने भारतीय मूल के अमेरिकी योगगुरु बिक्रम चौधरी को अपनी पूर्व वकील को नौ लाख 24 हजार पांच सौ डॉलर (तकरीन 6 करोड़ 28 लाख रुपए) देने का आदेश दिया है। बिक्रम योगा के संस्थापक योगगुरु पर आरोप है कि उसने यौन उत्पीड़न की जांच कर रही वकील का यौन उत्पीड़न किया। वकील मीनाक्षी जफा-बोड्डेन ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि चौधरी के लिए काम करते हुए उसे लैंगिक भेदभाव, गलत तरह से बर्खास्तगी और यौन उत्पीड़न झेलना पड़ा। लॉस एंजिलिस जूरी ने तकरीबन एक दिन इस पर चर्चा की और मीनाक्षी के पक्ष में फैसला दिया। वहीं योगगुरु ने यौन उत्पीड़न के आरोपों से पूरी तरह इनकार किया है। चौधरी ने दावा किया कि कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार और उत्पीड़न के आरोप झूठे हैं। योगगुरु ने कहा, ‘मैंने यह नहीं किया, मुझे नहीं करना था।’

लॉस एंजलिस टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार चौधरी ने कहा कि मीनाक्षी को 2013 में हटा दिया गया था क्योंकि उसके पास अमेरिका में वकालत का लाइसेंस नहीं था। अमेरिकी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार जूरी ने पाया कि चौधरी ने विद्वेष, दमन और फरेब से काम किया। इस तरह मीनाक्षी को मुआवजा हासिल करने की इजाजत मिल गई। मीनाक्षी का आरोप था कि योगगुरु ने 2011 में उसे रजामंद किया कि वह उसकी वकील के तौर पर काम करने के लिए भारत लौट जाए।

मीनाक्षी ने आरोप लगाया कि नौकरी के दौरान योगगुरु ने उसका यौन उत्पीड़न किया और उस पर अश्लील टिप्पणियां की। उसने यह भी आरोप लगाया कि जब उसने एक शिष्या के बलात्कार समेत योगगुरु के खिलाफ यौन उत्पीड़न और कदाचार के आरोपों की जांच शुरू की तो उसे बर्खास्त कर दिया गया। मीनाक्षी की याचिका चौधरी के खिलाफ दायर यौन उत्पीड़न के अनेक मामलों में से एक है।

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