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WWE के पहलवान जॉन सीना बोले, डोनाल्ड ट्रंप का विवादों में पड़ना अमेरिका के लिए गर्व की बात नहीं

सीना ने कहा, हमें यह देखना होगा कि क्या उनकी नीतियां अमेरिका के हक में हैं या नहीं। उन्होंने कहा, वह पहले से ही विवादों में पड़े हुए हैं और अमेरिका के लिए गर्व से कोई बात नहीं कहते।

अमेरिकी रेसलर जॉन सीना और यूएसए के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप।

अमेरिकी इतिहास के 45वें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल से पहले और बाद में भी विवादों ने कभी उनका पीछा नहीं छोड़ा। मार्च में उन्होंने 6 देशों के मुसलमानों के अमेरिका आने से रोक लगाने का आदेश जारी किया था, जिसकी पूरी दुनिया में कड़ी आलोचना की गई थी। अब उनकी भर्त्सना करने वालों में डब्ल्यूडब्ल्यूई के मशहूर रेसलर जॉन सीना भी शामिल हो गए हैं। सीना द कायले एंड जैकी ओ शो में पहुंचे थे, जहां उनसे डोनाल्ड ट्रंप के अब तक के कार्यकाल के बारे में पूछा गया। WWE के एक अहम पहलवान सीना ने कहा कि इसका जवाब देना उनके लिए मुश्किल है। उनके मुताबिक ट्रम्प के विचारों को बताने के अपने तरीके हैं, जिसके कारण अमेरिकियों हमेशा उनके प्रति मुखर रहते हैं। वह हमेशा अपनी बातों से चिपके रहते हैं, जो बाद में उनके लिए मुश्किलें पैदा कर देता है।

सीना ने कहा, हमें यह देखना होगा कि क्या उनकी नीतियां अमेरिका के हक में हैं या नहीं। उन्होंने कहा, वह पहले से ही विवादों में पड़े हुए हैं और अमेरिका के लिए गर्व से कोई बात नहीं कहते। अगर कोई शख्स ओवल अॉफिस (अमेरिकी राष्ट्रपति का कार्यालय) में बैठता है और वह विवादों में है, तो यह अच्छी बात नहीं है। सीना ने कहा, लेकिन यह समय ही बताएगा। एक शख्स की विरासत का फैसला समय ही करता है। बता दें कि ट्रंप राष्ट्रपति बनने से पहले एक बिजनेस टायकून थे, लेकिन कम लोग ही यह जानते हैं कि वह WWE के मालिक विंस मैकमोहन के बहुत अच्छे दोस्त भी हैं। उनके कनेक्शन के चलते ही लिंडा मैकमोहन को ट्रंप के सीनेट में अहम पद मिला है। बता दें कि जॉन सीना 4 जुलाई को स्मैकडाउन पर वापसी करेंगे।

देखें क्या बोले जॉन सीना:

गौरतलब है कि हाल ही में चीन स्थित अमेरिकी दूतावास में शीर्ष राजनयिक डेविड रैंक ने अचानक इस्तीफा दे दिया थाा। उन्होंने कहा था कि वह ट्रंप की प्रशासन नीति के साथ असहमति के चलते विदेश सेवा छोड़ रहे हैं। रैंक के इस्तीफे की सूचना से परिचित विदेश विभाग के अधिकारियों ने अपना नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा था कि उन्होंने दूतावास के कर्मियों की टाउन हॉल बैठक में अपनी सेवानिवृत्ति की घोषणा की और पेरिस जलवायु समझौते से अमेरिका के पीछे हटने संबंधी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्णय को इसका कारण बताया था।

अफगानिस्तान पर अमेरिका द्वारा किए गए बम हमले पर ट्रंप ने कहा- "अमेरिकी सेना पर है गर्व", देखें वीडियो ः

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