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दुनिया की सबसे भारी महिला इमान अहमद की अबू धाबी में मौत, भारत में भी हुआ था इलाज

मुंबई के सैफी अस्पताल ने इमान की मुफ्त सर्जरी करके उनका वजन 300 किलोग्राम कम कर दिया था।
इमान अहमद इलाज के लिए भारत भी आईं हुईं थी।

मिस्र की रहने वाली दुनिया की सबसे भारी महिला इमान अहमद की मौत हो गयी है। अबू धाबी में इलाज के दौरान उन्होंने आखिरी सांस ली। अबू धाबी के बुर्जिल अस्पताल में वजन कम करने के लिए उनका इलाज चल रहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक आज (25 सितंबर ) सुबह 4 बजकर 35 मिनट पर उनकी मौत हुई।  डॉक्टरों के मुताबिक लगातार बिगड़ती स्थिति की वजह से उनकी मौत हुई। इमान की किडनी काम नहीं कर रही थी साथ उन्हें दिल की बीमारी भी हो गई। अस्पताल के एक अधिकारी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से लगभग 20 स्पेशलिस्ट डॉक्टर इमान का इलाज कर रहे थे। बता दें कि जब इमान अहमद इलाज के लिए मुंबई आई थी तो उनका वजन 500 किलोग्राम से ज्यादा था। मुंबई के सैफी अस्पताल ने इमान की मुफ्त सर्जरी करके उनका वजन 300 किलोग्राम कम कर दिया। मुंबई में तीन महीने तक रहने के बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के वीपीएस हेल्थकेयर के बुर्जील अस्पताल में भर्ती कराया गया। इमान चार मई को यूएई पहुंची थी।

इमान का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने कहा कि पहले तो उनकी हालत में काफी सुधार हो रहा था। इमान डिप्रेशन से उबर रही थीं, और उनकी मॉबिलिटी संबंधी परेशानी भी दूर हो रही थी। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी मौत अचानक हुई है। बुर्जिल अस्पताल के डिप्टी मेडिकल डॉयरेक्टर ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि उन्हें एक सेप्टिक शॉक हुआ इसकी वजह से उनके शरीर में जबर्दस्त संक्रमण हो गया। शनिवार को उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया। पिछले 24 घंटों में उनकी हालत बिगड़ गई और वह मल्टी ऑर्गन फेल्यूर का शिकार हो गईं।

डॉक्टरों ने बताया कि ये बहुत ही दुखदायी है। इमान अहमद की बहन साइमा सलीम को अब भी यकीन नहीं हो रहा है कि उनकी बहन इस दुनिया में अब नहीं रही। इमान अहमद का परिवार अभी भी मिस्र से अबू धाबी नहीं पहुंचा है। दुनिया की सबसे वजनी महिला का दुखकारी तमगा पाने वाली इमान अहमद पिछले तीन सालों से बेड पर थीं। मुंबई के  सैफी अस्पताल में उनकी बैरियाट्रिक सर्जरी हुई थी। मई में सैफी अस्पताल प्रबंधन और उनकी बहन के बीच कुछ विवाद हो गया था इसके बाद साइमा अपने बहन को लेकर अबू धाबी चली गईं ।

बता दें कि इसी साल फरवरी में इमान अहमद जब मिस्र से मुंबई आईं तो उन्हें कार्गो प्लेन से लाना पड़ा। यहीं नहीं अस्पताल लाने के लिए क्रेन का इस्तेमाल किया गया था। मुंबई के सैफी अस्पताल ने इंडियन एक्सप्रेस को अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘ये बेहद अफसोसनाक है कि वह इस दुनिया में नहीं रहीं। जब उन्हें यहां से डिस्चार्ज किया गया था तो उनकी किडनी ठीक ढंग से काम कर रही थी। अबू धाबी अस्पताल में उनके साथ क्या हुआ इस पर हम प्रतिक्रिया नहीं दे सकते हैं।’ इमान ने पिछले महीने ही बुर्जिल अस्पताल में अपने परिवार वालों, डॉक्टरों के साथ अपना जन्मदिन मनाया था, तब वो मुस्कुरा रही थी। लेकिन अब उनके सफर का अंत हो गया है।

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