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वर्ल्‍ड बैंक ने भारत के Aadhar को जमकर सराहा, दूसरे देशों में भी लागू कराना चाहता है ऐसा सिस्‍टम

वर्ल्ड बैंक के आर्थिक विशेषज्ञ पॉल रोमर ने भारत के UIDAI सिस्टम की तारीफ की है।

आधार बनवाने के लिए अपना बायोमेट्रिक दर्ज कराते हुए लोग। (फाइल फोटो)

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ज्यादा से ज्यादा योजनाओं को आधार आधार कार्ड से जोड़ना चाहती है। सरकार का दावा है कि इससे योजनाओं के क्रियान्वयन को बेहतर किया जा सकेगा। वहीं अब वर्ल्ड बैंक के आर्थिक विशेषज्ञ पॉल रोमर ने भारत के UIDAI सिस्टम की तारीफ की है। वहीं तारीफ करने के अलावा उन्होंने इस सिस्टम को बाकी देशों द्वारा भी इसे अपनाने की सलाह दी है। रोमर ने कहा कि आधार पहचान का बेहद सोफिस्टिकेटिड सिस्टम है। उन्होंने कहा कि फिनांशल ट्रांजैक्‍शन जैसी सभी चीजों के लिए यह अच्छा बेस है। अगर यह पूरी दुनिया में लागू हो जाता है तो बेहतर होगा। वहीं इंफोसिस के सह-संस्‍थापक और आधार बनाने वाले आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन नंदन निलेकणि ने भी इसे लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि तंजानिया, अफगानिस्‍तान, बांग्‍लादेश जैसे देश इस सिस्‍टम के बारे में विचार कर रहे हैं और इसमें रुचि दिखा रहे हैं।

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साथ ही टेलीकॉम रेग्‍युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन आरएस शर्मा ने भी बताया कि रूस, मोरक्‍को, अल्‍जीरिया और ट्यूनिशिया जैसे देशों ने भी आधार के प्रति अपनी रुचि दिखाई है। बता दें कि हाल ही में केंद्र सरकार ने कई योजनाओं का लाभ पाने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य बनाया था। वहीं कुछ लोग आधार को सभी चीजों से जोड़े जाने का विरोध भी करते हैं। आलोचकों का दावा है कि आधार को सभी चीजों से लिंक करने से निजता के अधिकार का हनन हो सकता है।

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इस सिस्टम से लोगों की निजता दाव पर रहती है। बता दें कि यूके, फ्रांस और अमेरिका में ऐसी योजनाओं को लेकर काफी डिबेट्स हुई हैं। 2010 में यूके ने ऐसा ही एक राष्ट्रीय पहचान रजिस्ट्रेशन का प्लैन रद्द कर दिया था क्योंकि उसका काफी विरोध हुआ। विरोधियों का दावा था कि सारी जानकारी एक जगह होने से नागरिक स्वतंत्रताएं खतरे में पड़ सकती है।

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