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यरूशलम: यहूदी त्योहार पर लगे पोस्टर में कहा गया- महिलाएं मुख्य सड़क पर कम से कम निकलें

सात दिनों तक चलने वाला शुक्कोह यहूदी धर्म के प्रमुख त्योहारों में एक है। इस साल ये त्योहार 16 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक चलेगा।

हिब्रू भाषा में लगाए गए पोस्टरों में महिलाओं से अपील की गई है कि वो त्योहार के दौरान शाम के बाद मुख्य सड़कों पर कम से कम निकलें।

इसराइली शहर यरूशलम के मिया शारिम कस्बे में कट्टरपंथियों ने पोस्टर लगाकर कथित तौर पर महिलाओं से शुक्कोह त्योहार के दौरान मुख्य सड़कों पर न निकलने की अपील की है। पोस्टरों में महिलाओं से इस त्योहार के दौरान कम से कम बाहर निकलने की भी अपील की गई है। सात दिनों तक चलने वाला शुक्कोह यहूदी धर्म के प्रमुख त्योहारों में एक है। इस साल ये त्योहार 16 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक चलेगा। मिया शारिम इसराइल के सबसे पुराने कस्बों में है। छह साल पहले स्थानीय हाईकोर्ट ने महिलाओं और पुरुषों के लिए किए गए सड़क के विभाजन पर प्रतिबंध लगा दिया था। लेकिन इन पोस्टरों से जाहिर है कि कट्टरपंथी तबका ऐसे विभाजन को जारी रखना चाहता है।

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वाईनेट की रिपोर्ट के अनुसार ऐसे एक पोस्टर में लिखा है, “और महिलाओं से विशेष अनुरोध- इलाके के निवासी और यहां से गुजरने वाली रात के वक्त मिया शारिम में मुख्य सड़क पर कम से कम निकलने की कोशिश करें। केवल गलियों का प्रयोग करें और मिया शरिम में शाम के बाद कम से कम आएं-जाएं।” राज्य प्रशासन और धर्म को अलग करने की मांग करने वाले संगठन हिद्दश ने यरूशलम नगरपालिका के कानून विभाग से मामले की जांच करने की मांग की है। हिद्दूश के सीईओ रब्बी उरी रेगेव ने वाईनेट से कहा, “ये संभव नहीं है कि शहर की मुख्य सड़कों पर महिलाओं को प्रतिबंधित कर दिया जाए, भले ही वो इलाका कट्टर यहूदियों का ही क्यों न हो।” यरूशलम नगरपालिका ने मामले के बारे में पूछताछ करने पर कहा कि वो कानून के हिसाब से कार्रवाई करेगा।

यहूदी कट्टरपंथी महिलाओं को उनकी पारंपरिक भूमिकाओं तक सीमित रखने के हिमायत करते रहे हैं। यरूशलम यहूदी, ईसाई और इस्लाम तीनों धर्मों के लिए खास महत्व रखता है। इसराइल और फलस्तीन दोनों ही यरूशलम पर दावा करते रहे हैं।

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