अमेरिकी राज्य टेनेसी की महिला क्रिस्टा पाइक को मौत की सजा दी गई लेकिन वह बच गई। अब वह अस्पताल में भर्ती हैं। क्रिस्टा बेहोश है और उसे वेंटिलेटर पर रख दिया गया है। क्रिस्टा के वकीलों ने शुक्रवार को कोर्ट में इसकी जानकारी एक फाइलिंग में दी। वकीलों ने कहा कि अस्पताल का स्टाफ क्रिस्टा पाइक की जान बचाने और गुरुवार देर रात तक उनके सिस्टम से पेंटोबार्बिटल निकालने के लिए काम कर रहा था।

टेनेसी राज्य द्वारा बुधवार को मौत की सजा देने के लिए क्रिस्टा को इंजेक्शन की दो डोज दी गईं। कोर्ट फाइलिंग में क्रिस्टा पाइक के वकीलों ने कहा कि उन्हें लगता है कि इंट्रावीनस लाइन में दिक्कतों की वजह से पेंटोबार्बिटल उनके खून के बजाय उनके शरीर में चला गया। उन्होंने लिखा, “साफ तौर पर मौत की सजा देने वाली टीम के किसी भी सदस्य को यह एहसास नहीं हुआ कि इंट्रावीनस लाइनें सही तरीके से नहीं लगाई गई थीं या नसें फट गई थीं और पेंटोबार्बिटल पूरी तरह या कुछ हद तक क्रिस्टा पाइक के शरीर में जा रहा था। इस नाकामी को ठीक करने के बजाय मौत की सजा देने वाली टीम ने पेंटोबार्बिटल सिरिंज का एक बैकअप सेट तैयार करके देना शुरू कर दिया।”

महिला के वकीलों ने क्या कहा?

वकीलों ने यह भी कहा, “हम क्रिस्टा के सबसे करीबी लोगों के साथ मिलकर उसकी इच्छाओं का सम्मान करने, उसकी प्राइवेसी की सुरक्षा करने और इस बहुत मुश्किल समय में एक मरीज़ के तौर पर उसके अधिकारों की रक्षा करने के लिए काम कर रहे हैं। हम जनता और मीडिया से भी उस प्राइवेसी का सम्मान करने के लिए कहते हैं।”

1995 का है मामला

क्रिस्टा पाइक के वकीलों ने शुक्रवार को एक राज्य अदालत से टेनेसी के डिपार्टमेंट ऑफ करेक्शन को उसकी नाकाम मौत की सजा देने के सभी सबूत सुरक्षित रखने का आदेश देने के लिए कहा। 50 साल की क्रिस्टा पाइक को 1995 में 19 साल की कोलीन स्लेमर की हत्या के सिलसिले में 1996 में 20 साल की उम्र में मौत की सजा सुनाई गई थी। क्रिस्टा पाइक और उसके उस समय के बॉयफ्रेंड टैडरिल शिप ने टेनेसी के नॉक्सविले में एक जॉब ट्रेनिंग कैंप में स्लेमर की हत्या कर दी थी। इस केस की एक डरावनी बात यह है कि स्लेमर के सीने पर एक पेंटाग्राम बनाया गया था।

हत्या के बाद क्रिस्टा पाइक को बाइपोलर डिसऑर्डर और पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर होने का पता चला। क्रिस्टा पाइक ने दया के लिए पहले की एक अर्जी में कहा था, “मुझे यह समझने में भी कई साल लग गए कि मैंने क्या किया है। यह मानने में और भी ज़्यादा समय लगा कि मैंने कितनी जिंदगियों पर असर डाला। मैंने किसी के बच्चे, बहन, दोस्त की जान ले ली। अब यह सोचकर मुझे बहुत बुरा लगता है कि मैं ऐसा जुर्म कर सकती थी।”

डेथ पेनल्टी इन्फॉर्मेशन सेंटर के मुताबिक टेनेसी में किसी महिला को आखिरी बार 1820 में फांसी दी गई थी, जिसका मतलब है कि पाइक 200 से ज़्यादा सालों में राज्य में मौत की सजा पाने वाली पहली महिला होतीं। टेनेसी में क्रिस्टा पाइक को मौत की सजा देने की नाकाम कोशिश ने बड़े वकीलों, डॉक्टरों और धार्मिक समुदाय के लोगों को अमेरिका में मौत की सज़ा पर रोक लगाने की मांग करने पर मजबूर कर दिया है। राज्य के गवर्नर बिल ली ने क्रिस्टा पाइक की मौत की सजा की जांच के लिए किसी थर्ड-पार्टी से जांच कराने का आदेश दिया है। उन्होंने टेनेसी में मौत की सजा पर भी रोक लगा दी है।

यह भी पढ़ें- ‘जिसने पायलट को भेजा है, उसे बहुत भारी कीमत चुकानी होगी’, फ्लाईदुबई हमले पर नेतन्याहू की कड़ी चेतावनी

फ्लाईदुबई की दुबई-तेल अवीव फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमले के मामले में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को बड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, घटना की तस्वीर साफ होती जा रही है। नेतन्याहू ने कहा कि अगर यह साबित होता है कि विमान के को-पायलट को किसी ने हमले के लिए भेजा था, तो उसे इसकी ‘बहुत भारी कीमत’ चुकानी होगी। पढ़ें पूरी खबर।