अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों के लिए सीजफायर पर बनी सहमति के टिक पाने पर महज 24 घंटे में संदेह जताया जाने लगा है। इस समझौते के कुछ दिन घंटों बाद ही लेबनान पर इजरायल की बमबारी पर ईरान ने सवाल खड़े कर दिए। ईरान ने इजरायल के इस एक्शन के बाद होर्मुज जलमार्ग को फिर से बंद कर दिया है।
ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड के एयरोस्पेस कमांडर जनरल सैयद माजिद मूसावी ने X पर एक पोस्ट में कहा कि लेबनान के प्रति आक्रामकता ईरान के प्रति आक्रामकता है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा, “पूरी दुनिया लेबनान में हो रहे नरसंहार को देख रही है। अब गेंद अमेरिका के पाले में है और दुनिया देख रही है कि क्या वह अपने वादों पर अमल करेगा।”
बेरूत में इजरायल के ताजा हमलों को लेकर अमेरिका का कहना है कि लेबनान इसमें शामिल नहीं था। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह एक अलग लड़ाई है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कहा कि ईरान के साथ सीजफायर में हिज्बुल्लाह शामिल नहीं होगा और वह लेबनान में हमले जारी रखेंगे। एक कदम आगे बढ़ते हुए नेतन्याहू ने यह तक कह दिया कि ईरान के खिलाफ फिर से युद्ध शुरू करने के लिए इजरायल तैयार है और उनकी उंगली ट्रिगर पर है।
सिर्फ हमले ही नहीं पीस प्लान पर भी सवाल?
सेना पश्चिम एशिया में रहेगी
15 सूत्रीय पीस प्लान
समझौता नहीं हुआ तो युद्ध की चेतावनी
होर्मुज जलमार्ग बंद
10 सूत्रीय प्लान (संशोधित)
लेबनान पर हमला = ईरान पर हमला
अब संशोधित प्रस्तावों पर बातचीत जारी है।
ईरान ने विरोध किया और होर्मुज जलमार्ग बंद किया
हिज्बुल्लाह सीजफायर में शामिल नहीं
सीजफायर के बाद ईजरायल ने बेरूत में और ईरान द्वारा पड़ोसी देशों में हमले के अलावा बातचीत के दौरान पीस प्लान पर सहमति आसान नहीं होगी। ईरान पहले ही अमेरिका के 15 सूत्रीय पीस प्लान को रिजेक्ट कर चुका है। दूसरी तरफ व्हाइट हाउस का कहना है कि ईरान ने दो 10 सूत्रीय प्लान उसे भेजे थे जिसमें से एक पूरी तरह से बेकार था।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि ईरानियों ने शुरू में एक 10 सूत्रीय प्लान पेश किया था। इसे डोनाल्ड ट्रंप और उनकी बातचीत करने वाली टीम ने कूड़े में फेंक दिया। कई मीडिया आउटलेट्स ने गलत तरीके से बताया है कि वह प्लान अमेरिका को मंजूर है। उन्होंने कहा कि ईरान ने उस प्लान में बदलाव करके नया प्रस्ताव भेजा। अब अमेरिका अपने 15 सूत्रीय प्लान के साथ उस प्लान पर ईरान के साथ बातचीत करेगा।
कैरोलिन लेविट ने कहा कि ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंंप की एक बड़ी शर्त यह है कि ईरान अपने देश में यूरेनियम संवर्धन नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि ट्रंप कभी ईरान की सभी मांगों को मानकर समझौता नहीं करेंगे। कोई भी डील तभी होगी, जब वह अमेरिका के हित में होगी। कैरोलिन लेविट ने कहा कि कहा कि अगले दो हफ्तों तक बातचीत चलेगी लेकिन इस दौरान होर्मुज जलमार्ग खुला रहना चाहिए।
ईरान का रुख ठीक उलट
अमेरिका से आए ताजा बयानों के ठीक उलट ईरान ने बातचीत शुरू होने से पहले ही होर्मुज जलमार्ग बंद कर दिया है। इसके अलावा यूरेनियम संवर्धन पर ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकिर कालिबफ ने कहा कि सीजफायर की शर्तों के तहत उसे यूरेनियम संवर्धन जारी रखने की अनुमति मिली है। यूरेनियम संवर्धन पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान मिलकर जमीन के अंदर से परमाणु सामग्री निकालेंगे और वहां से हटा देंगे।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की शर्त के ठीक उलट पश्चिम एशिया में अपने सैनिकों को बनाए रखने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जब तक फाइनल शांति समझौता नहीं हो जाता, तब तक अमेरिका अपनी सेना और हथिया पश्चिम एशिया में ही रखेगा। ट्रंप ने यह चेतावनी भी दी कि अगर ईरान ने समझौते का पालन नहीं किया तो लड़ाई और भी ज्यादा बढ़ सकती है।
बातचीत को लेकर क्या है एक्सपर्ट्स की राय?
पेंटागन की पूर्व पश्चिम एशिया सलाहकार जैस्मिन अल-जमाल ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि सीजफायर एक अस्थायी कदम है और असली समस्याएं अभी बाकी हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका-इजरायल और ईरान की शर्तें काफी अलग हैं, इसलिए समाधान तक पहुंचने के लिए दोनों पक्षों को कुछ न कुछ छोड़ना पड़ेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका इजरायल पर लेबनान पर हमले रोकने के लिए कितना दबाव डालता है, यह भी देखना होगा। खाड़ी देशों ने इस युद्ध का विरोध किया था और वो चाहते हैं कि भविष्य में उन्हें सुरक्षा की गारंटी मिले ताकि ईरान उन्हें होर्मुज के जरिए नुकसान न पहुंचा सके।
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व्हाइट हाउस ने कहा कि उपराष्ट्रपति वेंस पाकिस्तान में युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के उद्देश्य से होने वाली वार्ता में अमेरिकी वार्ता दल का नेतृत्व करेंगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
