Russia-Ukraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अमेरिकी सेना का एक परिवहन विमान मंगलवार को लाताविया के रीगा से टेक ऑफ करने के बाद मॉस्को के वनुकोवा एयरपोर्ट पर लैंड हुआ। इस बात की जानकारी ग्लोबल फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के जरिए सामने आई है। हालांकि न्यूज एजेंसी रॉयटर्स का कहना है कि विमान में सवार होकर रूस आए लोगों के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है।
दरअसल, फ्लाइट राडार 24 के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में टेल नंबर 07-7181 के तहत रजिस्टर्ड बोइंग ग्लोबमास्टर विमान लगभग 07:00 GMT पर मॉस्को पहुंचा। हालांकि, रिपोर्ट स्वतंत्र रूप से यह सत्यापित नहीं कर सकी कि विमान में यात्री थे या माल।
अभी तक नहीं पता चला मकसद
ओपन सोर्स इंटेल की एक पोस्ट के अनुसार, विमान की पहचान अमेरिकी वायु सेना के बोइंग सी-17 ग्लोबमास्टर III के रूप में हुई है। इसमें बताया गया है कि विमान के उड़ान इतिहास में मैरीलैंड के कैंप स्प्रिंग्स का भी उल्लेख है, जहां जॉइंट बेस एंड्रयूज स्थित है।
यह बेस अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा उपयोग किए जाने वाले विमानों की मेजबानी करता है। मॉस्को की उड़ान का उद्देश्य अज्ञात है और इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
क्रेमलिन को नहीं है कोई जानकारी
इस विमान को लेकर क्रेमलिन ने कहा कि उसे इस उड़ान के बारे में कोई जानकारी नहीं है। फ्लाइटराडार24 के आंकड़ों के अनुसार, विमान 23 अगस्त को वाशिंगटन डीसी के पास स्थित कैंप स्प्रिंग्स के अमेरिकी हवाई अड्डे से रीगा के लिए रवाना हुआ था।
आखिरी बार कब आया था अमेरिकी विमान
यह फ्लाइट यूक्रेन युद्ध पर अमेरिका-रूस के अगले दौर के संपर्कों को लेकर अनिश्चितता के बीच हो रही है। यूरोप से रूस के लिए अमेरिकी पंजीकृत विमान की आखिरी सीधी उड़ान जनवरी में हुई थी, जब अमेरिकी विशेष दूत स्टीवन विटकॉफ और जेरेड कुशनर यूक्रेन में संघर्ष को समाप्त करने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत करने के लिए मॉस्को गए थे।
अमेरिका से ठप है रूस की बातचीत
क्रेमलिन ने पिछले हफ्ते कहा था कि उसके पास इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि विटकॉफ और कुशनर मॉस्को की दोबारा यात्रा करेंगे या नहीं। ईरान में युद्ध के कारण कूटनीतिक परिदृश्य जटिल हो जाने से यूक्रेन पर अमेरिका-रूस वार्ता लगभग ठप हो गई है।
यह भी पढ़ें: अमेरिका में शरण मांगने वालों पर सख्ती, 2 लाख वीजा रद्द कर सकता ट्रंप प्रशासन, कौन होंगे प्रभावित?
ट्रंप प्रशासन एक साथ दो मोर्चों पर यूएस इमिग्रेशन पर अपनी पकड़ मज़बूत कर रहा है। ट्रंप प्रशासन करीब 2 लाख बिजनेस और टूरिस्ट वीजा कैंसिल करने की तैयारी कर रहा है, जो देश के इतिहास में सबसे बड़ा कैंसिलेशन होगा। वहीं उपराष्ट्रपति जेडी वेंस H-1B वर्क वीजा के लिए अधिक फ़ीस का समर्थन कर रहे हैं। पढ़िए पूरी खबर…
