इस वजह से हमेशा दस्ताने पहनी रहती हैं ब्रिटेन की महारानी, 1947 से बना रही एक ही कंपनी - why queen Elizabeth of Britain wears gloves all the time - Jansatta
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इस वजह से हमेशा दस्ताने पहनी रहती हैं ब्रिटेन की महारानी, 1947 से बना रही एक ही कंपनी

जेम्स ने कहा कि उनके हैंडबैग में दो से तीन जोड़े अतिरिक्त ग्लव्स रहते हैं। जेनेवियवे जेम्स के मुताबिक जब ये दास्ताने खराब होते हैं तो 10 हजार रुपये की कीमत वाले इन ग्लव्स की महारानी फिर से मरम्मत करवाती हैं।

ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय (रायटर्स फाइल फोटो)

ब्रिटेन की महारानी क्वीन एलिजाबेथ को आपने कई कार्यक्रमों देखा होगा। अपने प्रशंसकों का हाथ हिलाकर अभिवादन करतीं एलिजाबेथ के दास्ताने उनके फैशन स्टेटमेंट के अभिन्न हिस्से रहे हैं। बिना दास्ताने के उनकी शाही पोशाक पूरी नहीं होती है। इसलिए वे जहां भी जाती हैं, लगभग दास्ताने पहनकर ही जाती हैं। यहीं नहीं उनके पर्स में भी दास्ताने की दो तीन एक्स्ट्रा जोड़ी पड़ी रहती है। कोर्नेलिया जेम्स पिछले 70 से साल से महारानी के दास्ताने बना रही हैं। 1970 में उन्हें इस काम के लिए रॉयल वारंट भी मिला है।

सवाल उठता है कि महारानी हर सार्वजनिक आयोजन में दास्ताने पहनकर क्यों बाहर निकलती हैं। इस बावत रीडर्स डाइजेस्ट नाम की पत्रिका ने कोर्नेलिया जेम्स की बेटी और कंपनी की क्रिएटिव डायरेक्टर जेनेवियवे जेम्स से बात की। उन्होंने कहा कि ग्लव्स उन्हें धूल और कीटाणुओं से सुरक्षा प्रदान करते हैं। महारानी को अपने दौरों पर दर्जनों लोगों से साथ मिलाना पड़ता है। इस दौरान सुरक्षा और स्वच्छता के लिहाज से ये दास्ताने रक्षा कवच का काम करते हैं।

2 जून को ब्रिटेन में डर्बी फेस्टिवल के दौरान महारानी एलिजाबेथ (फोटो-रायटर्स)

जेम्स ने कहा कि उनके हैंडबैग में दो से तीन जोड़े अतिरिक्त ग्लव्स रहते हैं। जेनेवियवे जेम्स के मुताबिक जब ये दास्ताने खराब होते हैं तो 10 हजार रुपये की कीमत वाले इन ग्लव्स की महारानी फिर से मरम्मत करवाती हैं। उन्होंने कहा कि इन दास्तानों का एक फैशन पर्पज भी है। उन्होंने बताया, “मानिए आप महारानी हैं, और आप हाथ मिला रही हैं, आप नहीं चाहते हैं कि आपकी बाहें दिखे, ये ग्ल्वस बांह के अंदर तक जाती हैं, और जब आप किसी के नजदीक आते हैं तो आपकी बांह नहीं दिखती है।क्रिएटिव डायरेक्टर जेनेवियवे जेम्स ने कहा कि सालों से महारानी के दास्ताने कॉटन से बनाये जाते थे, लेकिन हाल ही में रानी ने कहा कि उन्हें थोड़े हल्के कपड़े चाहिए, इसके बाद कंपनी ने स्विटजरलैंड से कॉटन जर्सी मंगवाये। इन ग्लव्स को बनाने में 45 मिनट से एक घंटे लगते हैं।

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