अफगानिस्तान ने बुधवार को कहा कि पाकिस्तान ने उस पर नए सिरे से हवाई हमले किए हैं जिनमें कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए। दोनों देशों के बीच महीनों से संघर्ष जारी है जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए हैं। तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने बताया कि हमले अफगानिस्तान के खोस्त, कुनार और पक्तिका प्रांतों को निशाना बनाकर किए गए जिनमें 11 बच्चों, एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई। हालांकि, पाकिस्तान की ओर से इन हमलों की फिलहाल कोई पुष्टि नहीं की गई या कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। फरवरी 2026 के अंत से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच कई महीनों से घातक संघर्ष जारी है जिसमें सैकड़ों मौतें हुई हैं।

ये हवाई हमले उस घटना के एक दिन बाद हुए जब अफगानिस्तान की सीमा से सटे उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के हसन खेल क्षेत्र में संदिग्ध पाकिस्तानी तालिबान आतंकवादियों ने एक सुरक्षा चौकी पर हमला कर दिया था। इस हमले के बाद भीषण मुठभेड़ हुई जिसमें ‘फेडरल कॉन्स्टेबुलरी’ के छह जवान मारे गए और कई अन्य घायल हो गए।

पाकिस्तानी तालिबान आतंकवादियों का सुरक्षा चौकी पर हमला

स्थानीय अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि सुरक्षाबलों ने हमलावरों में से आठ को मार गिराया और चौकी पर कब्जा करने की उनकी कोशिश को नाकाम कर दिया। बाद में, पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने पेशावर में शहीद जवानों के जनाजे की नमाज में हिस्सा लिया। नकवी ने मारे गए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा।

यह संघर्ष तब और बढ़ गया था जब अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के भीतर जवाबी सीमापार हमला किया था। यह हमला पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के अंदर किए गए हवाई हमलों के प्रतिशोध में किया गया था। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान ऐसे चरमपंथियों को शरण देता है जो पाकिस्तान के भीतर घातक हमले करते हैं। इनमें विशेष रूप से पाकिस्तान तालिबान शामिल है, जिसे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) कहा जाता है। हालांकि, काबुल पाकिस्तान के इन आरोपों को खारिज करता रहा है।

पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ खुले युद्ध की घोषणा की

इसके बाद पाकिस्तान ने अपने नागरिकों और सुरक्षा बलों पर लगातार आतंकवादी हमलों का हवाला देते हुए अफगानिस्तान के साथ खुले युद्ध की घोषणा कर दी। मार्च में स्थिति और बिगड़ गई जब अफगानिस्तान ने दावा किया कि हमले में 400 से अधिक लोग मारे गए, हालांकि पाकिस्तान ने इस आंकड़े का खंडन किया और इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि भी नहीं की गई। पाकिस्तान ने नागरिकों को निशाना बनाने से इनकार करते हुए कहा कि उसने गोला-बारूद डिपो पर हमला किया था।

पाकिस्तान का आरोप-अफगान तालिबान सरकार टीटीपी को पनाह दे रही

इस संघर्ष की जड़ में पाकिस्तान का यह आरोप है कि अफगान तालिबान सरकार तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को पनाह दे रही है और उसे अफगान धरती से पाकिस्तान के अंदर हमले करने की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने की अनुमति दे रही है। टीटीपी अफगान तालिबान से एक अलग संगठन है लेकिन वैचारिक रूप से उससे जुड़ा हुआ है। अमेरिकी नेतृत्व वाली सेनाओं की वापसी के बाद 2021 में अफगान तालिबान ने काबुल में सत्ता पर कब्जा कर लिया। काबुल टीटीपी को पनाह देने से इनकार करता है।

विवाद के पीछे डूरंड लाइन भी है वजह

यह विवाद डूरंड लाइन की वजह से भी है। यह लाइन दोनों देशों के बीच ब्रिटिश शासन के दौरान खींची गई 2,600 किलोमीटर लंबी सीमा रेखा है जिसे अफगानिस्तान ने कभी भी औपचारिक रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमा के रूप में मान्यता नहीं दी है। इस साल की शुरुआत में, चीन ने उरुमकी में दोनों पक्षों के बीच शांति वार्ता की मेजबानी की थी। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि चीन और अन्य मित्र देश दोनों पक्षों पर एक स्थायी शांति समझौते पर पहुंचने के लिए दबाव बना रहे हैं। अक्तूबर 2025 से पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा द्विपक्षीय व्यापार के लिए बंद है, जिससे हजारों लोग फंसे हुए हैं। कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद, ताजा हमलों को देखते हुए लगता है कि दोनों देशों के बीच तनाव कम होते दिख नहीं रहा है।

यह भी पढ़ें: पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर की बमबारी

मंगलवार देर रात पाकिस्तान की सेना के लड़ाकू विमानों ने अफगानिस्तान की हवाई सीमा का उल्लंघन करते हुए आम नागरिकों के घरों को निशाना बनाकर भारी बमबारी की। वहीं अफगानिस्तान ने पाकिस्तानी सेना के हमले को संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें