ईरानी मीडिया के मुताबिक, अमेरिका के साथ दूसरे दौर के बातचीत का हिस्सा बनने के लिए ईरान अभी कोई योजना नहीं बना रहा है। यह बात अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के कुछ ही घंटों बाद सामने आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद जाएगा।

द गार्जियन के मुताबिक, अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ईरानी सरकारी मीडिया आईआरआईबी ने कहा, अमेरिका-ईरान वार्ता के अगले दौर का हिस्सा बनने लिए वह अभी कोई योजना नहीं बना रहा है।

वार्ता को ठुकराया

ईरान के वरिष्ठ अधिकारी इब्राहिम जोल्फगारी ने कहा कि ईरान ने आधिकारिक तौर पर अमेरिका के साथ वार्ता के सभी प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, साथ ही उन्होंने घोषणा की कि सभी शांतिवार्ता रद्द की जाती है और होमुर्ज जलमार्ग को पूरी तरह दोबारा बंद किया जाता है।

अमेरिका ने घोषणा की कि वह अमेरिका और इजरायल के ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए संभावित वार्ता के लिए अपने प्रतिनिधिमंडल को भेजेगा। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा यह संभावित वार्ता ईरान को डील मानने के लिए आखिरी मौका है।

डोनाल्ड ट्रंप ने देश तबाह करने की दी धमकी

द गार्जियन के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा, “अगर ईरान ने इस डील पर समझौता नहीं किया तो पूरे देश को उड़ा दिया जाएगा।” उन्होंने पहले की धमकी को दोहराते हुए कहा कि अमेरिका ईरान के पावर प्लांट और पुलों समेत बड़े इंफ्रास्टक्चर को निशाना बनाएगा।

क्यों ईरान नहीं होना चाहता शामिल?

ईरान की आधिकारिक न्यूज एजेंसी आईआरएनए ने कहा कि अमेरिका की अत्यधिक मांगे, अवास्तविक अपेक्षाएं, लगातार रुख में बदलाव, बार-बार विरोधाभास और जारी नाकाबंदी के कारण वार्ता में शामिल न होने का फैसला लिया गया है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय आए हैं, जब ईरान-अमेरिका और इजरायल का संघर्ष अपने आठवें हफ्ते में प्रवेश कर चुका है, इसमें हजारों लोगों के मारे जाने की खबर है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक अहम मार्ग होर्मुज जलमार्ग में लगे प्रतिबंधों के कारण तेल बाजार बुरी तरह प्रभावित है।

ईरान ने हाल ही में होर्मुज जलमार्ग से होने वाली कमर्शियल शिपिंग पर वापस से पाबंदी लगा दी है। ईरान ने कहा कि जब तक अमेरिका की नाकाबंदी जारी रहेगी, तब तक वह सामान्य आवाजाही की अनुमति नहीं देगा।

पाकिस्तान ने दोनों पक्षों से साधा संपर्क

इसी बीच पाकिस्तान ने दोनों पक्षों से संपर्क साधा। अधिकारियों ने कहा मौजूदा तनाव को खत्म करने के लिए लगातार बातचीत और संपर्क साधने की जरूरत पर बात की गई है।

एक अलग बयान में ईरान ने अमेरिका की नाकाबंदी की आलोचना की और इसे गैर-कानून और आपराधिक बताया। साथ ही इसे एक तरह का सामूहिक सजा बताया।

दो हफ्ते का सीजफायर जल्द खत्म होना वाला है और अभी दोनों पक्ष अगले कदम पर सहमत नहीं हो पाए हैं इस कारण हालात अभी भी अनिश्चित बने हुए हैं।

यह भी पढ़ें: होर्मुज की नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे ईरानी जहाज को अमेरिका ने किया जब्त, ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की धमकी

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है। पहले खबर यह थी कि ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में बैठक होने वाली है। लेकिन उससे पहले ही अमेरिका ने एक ईरानी जहाज को अपने कब्जे में ले लिया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें