Why does Pervez Musharraf need protection, How can a commando be so afraid, Says Pak Supreme Court - पाक‍िस्‍तानी कोर्ट ने उड़ाई मुशर्रफ की खिल्ली! पूछा- एक कमांडो इतना डरता है? - Jansatta
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पाक‍िस्‍तानी कोर्ट ने उड़ाई मुशर्रफ की खिल्ली! पूछा- एक कमांडो इतना डरता है?

पूर्व पाक सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ अब 25 जुलाई को प्रस्तावित आम चुनाव नहीं लड़ पाएंगे, इसी के साथ उन्हें पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के मजाक का भागी भी बनना पड़ा है। पड़ोसी मुल्क की शीर्ष अदालत ने मुशर्रफ के द्वारा देश लौटने के लिए ज्यादा सुरक्षा मांग पर यह कहकर खिल्ली उड़ाई कि ''कोई कमांडो इतना डरा हुआ कैसे हो सकता है?

पूर्व पाक सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ। (File Photo)

पूर्व पाक सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ अब 25 जुलाई को प्रस्तावित आम चुनाव नहीं लड़ पाएंगे, इसी के साथ उन्हें पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के मजाक का भागी भी बनना पड़ा है। पड़ोसी मुल्क की शीर्ष अदालत ने मुशर्रफ के द्वारा देश लौटने के लिए ज्यादा सुरक्षा मांग पर यह कहकर खिल्ली उड़ाई कि ”कोई कमांडो इतना डरा हुआ कैसे हो सकता है?” पाकिस्तानी अखबार डॉन ने पाकिस्तान डेली के हवाले से लिखा है कि कोर्ट ने बुधवार (13 जून को) मुशर्रफ के द्वारा हाजिर होने के लिए मांगी गई ज्यादा सुरक्षा की बात पर कहा कि अगर परवेज मुशर्रफ एक कमांडो हैं तो उन्हें नेताओं की तरह लौटने की रट लगाने के बजाय कमांडो की तरह लौटना चाहिए। अदालत ने कहा कि मुशर्रफ को सुरक्षा क्यों चाहिए, वह किस बात को लेकर इतने डरे हुए हैं? एक कमांडो इतना डरा हुआ कैसे हो सकता है? मुशर्रफ कहते थे कि वह मौत को कई बार चकमा दे चुके हैं लेकिन वह कभी भयभीत नहीं हुए। अदालत ने मुशर्रफ को गुरुवार को दोपहर 2 बजे तक कोर्ट में पेश होने की इजाजत दी थी।

पीटीआई सूत्रों के मुताबिक गुरुवार को अदालत में हाजिर ने होने पर शीर्ष अदालत ने मुशर्रफ को चुनाव लड़ने के लिए दी गई सशर्त अनुमति वापस ले ली है। अदालत ने पिछले हफ्ते उन्हें 25 जुलाई को प्रस्तावित आम चुनाव लड़ने की अनुमति दी थी जिसके बाद उन्होंने उत्तरी चित्राल जिले से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। अदालत ने हालांकि मुशर्रफ को सशर्त अनुमति दी थी कि वह उनकी आजीवन अयोग्यता से जुड़े मामले में 13 जून को अदालत के समक्ष पेश होंगे। मुख्य न्यायाधीश साकिब निसार ने बुधवार को पूर्व सेना प्रमुख को अदालत में पेश नहीं होने के लिए फटकार लगाई थी। सुनवाई के दौरान उनके वकील कमर अफजल ने अदालत को बताया कि 74 वर्षीय मुशर्रफ का लौटना निर्धारित था लेकिन उनके लिए तुरन्त आना संभव नहीं था। अफजल ने कहा था, ‘‘मैंने मुशर्रफ से बात की है, वह और समय चाहते हैं। वह पाकिस्तान आने की योजना बना रहे हैं लेकिन ईद की छुट्टियों और बीमारी के कारण, वह तुरंत यात्रा नहीं कर सकते है।’’

इसके बाद मुख्य न्यायाधीश ने अनिश्चितकाल के लिए सुनवाई को स्थगित कर दिया और कहा कि अगली सुनवाई तभी होगी जब याचिकाकर्ता इसके लिए तैयार होंगे। हालांकि उन्होंने मुशर्रफ को चुनाव लड़ने के लिए दी गई सशर्त अनुमति को वापस लेने के आदेश दिए। इससे पहले मुशर्रफ की ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एपीएमएल) ने ट्विटर पर कहा था कि उनके (मुशर्रफ) के लौटने की तैयारियां अंतिम चरण में है। मुशर्रफ मार्च 2016 से दुबई में रह रहे है और कई मामलों में वांछित हैं।

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