Strait Of Hormuz News: अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई बातचीत फेल हो गई। 14 दिनों के युद्धविराम पर सहमति के बाद दोनों देश बातचीत को तैयार हुए थे। इस्लामाबाद में बातचीत फेल होते ही अब इसका असर समुद्र में भी दिखने लगा है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, दो खाली सुपरटैंकरों ने रविवार को होर्मुज जलमार्ग से होते हुए फारस की खाड़ी में प्रवेश करने का प्रयास किया , लेकिन अंतिम समय में उन्हें यू-टर्न लेना पड़ा।
जहाज ट्रैकिंग डेटा से पता चलता है कि तीन बड़े क्रूड ऑयल कैरियर शनिवार देर रात ओमान की खाड़ी से संकरे जलमार्ग की ओर बढ़ने लगे और रविवार तड़के ईरान के लारक द्वीप के पास पहुंचे। इस प्रभावी चेकपॉइंट पर, इराक जा रहा एजियोस फैनूरियोस I और संयुक्त अरब अमीरात के दास द्वीप जा रहा पाकिस्तान झंडे वाला शालमार वापस लौट गए।
अभी तक कारण साफ नहीं
एक तीसरा वीएलसीसी (विशालकाय पोत मोम्बासा बी) लारक और केशम द्वीपों के बीच ईरान द्वारा स्वीकृत जलमार्ग से होते हुए फारस की खाड़ी में आगे बढ़ गया है और उसने अभी तक अपना गंतव्य स्पष्ट नहीं बताया है। अन्य पोतों के यू-टर्न लेने और तीसरे पोत के सफलतापूर्वक गुजरने के कारण अभी भी स्पष्ट नहीं हैं। इराक और पाकिस्तान दोनों ने पहले जलमार्ग से गुजरने के लिए ईरान की इजाजत ली थी, लेकिन ये उलटफेर इस्लामाबाद में हुई वार्ता के बिना किसी समझौते के खत्म होने के साथ ही हुए।
होर्मुज जलमार्ग विश्व के सबसे अहम मार्गों में से एक है। वार्ता के दौरान इसे फिर से खोलना चर्चा का एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है, लेकिन इस पर अभी भी असहमति बनी हुई है। युद्ध के दौरान ईरान ने महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर नियंत्रण करके वैश्विक आर्थिक शक्ति का इस्तेमाल किया। इससे तेल की कीमतें आसमान छू गईं और ट्रंप पर राजनीतिक दबाव बढ़ गया, जबकि अमेरिकी पेट्रोल पंपों पर बढ़ती कीमतों की शिकायत कर रहे थे।
अमेरिकी सेना ने क्या कहा?
अमेरिकी सेना ने शनिवार को कहा कि नौसेना के दो युद्धपोत जलमार्ग से होकर गुजरे ताकि इसे बारूदी सुरंगों से मुक्त किया जा सके और टैंकरों के लिए इसे सुरक्षित मार्ग बनाया जा सके। ईरानी सेना ने इस बात से इनकार किया कि कोई भी अमेरिकी युद्धपोत जलमार्ग में प्रवेश किया है और ऐसा करने पर जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है।
रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना कमान ने कहा कि दो हफ्ते के युद्धविराम के दौरान सुरक्षित मार्ग के ईरानी वादे केवल विशिष्ट शर्तों के तहत जहाजों पर लागू होते हैं। वैश्विक बाजारों में तेल की बढ़ती कीमतों से अमेरिका बुरी तरह प्रभावित है, लेकिन वह खाड़ी देशों से अपने कई यूरोपीय सहयोगियों की तुलना में कम आयात करता है। ट्रंप ने कहा, “हम जलमार्ग को खोल देंगे, भले ही हम इसका इस्तेमाल न करते हों, क्योंकि दुनिया में कई ऐसे देश हैं जो इसका इस्तेमाल करते हैं, लेकिन वे या तो डरे हुए हैं, या कमजोर हैं, या कंजूस हैं।”
ईरान के संसद स्पीकर बाकेर गालिबाफ का पहला बयान
पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच शांति को लेकर चल रही बातचीत बेनतीजा रही। यह 21 घंटे से ज्यादा समय तक चली। इसको लेकर अब ईरान की तरफ से डेलीगेशन का नेतृत्व कर रहे पॉर्लियामेंट स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि उनके देश के डेलिगेशन ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद में बातचीत के दौरान आगे की सोच वाले प्रस्ताव रखे, लेकिन अमेरिका बातचीत में डेलिगेशन का भरोसा जीतने में नाकाम रहा। पढ़ें पूरी खबर…
