Bangladesh Election News: बांग्लादेश में 12 फरवरी को वोटिंग होगी। मंगलवार सुबह 7.30 बजे चुनाव प्रचार खत्म हो गया। अब राजनीतिक दल और उम्मीदवार किसी भी तरह की प्रचार गतिविधि नहीं कर सकते हैं। चुनाव के बाद बांग्लादेश को नया प्रधानमंत्री मिलने की संभावना है। अभी यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार चल रही है।
बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार ने बताया कि एमिनेंस एसोसिएट्स फॉर सोशल डेवलपमेंट द्वारा किए गए एक ओपिनियन पोल में अनुमान लगाया गया है कि बीएनपी के नेतृत्व वाला गठबंधन 13वें राष्ट्रीय चुनावों में लगभग 208 सीटें जीत सकता है। सर्वे में अनुमान लगाया गया है कि जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाला गठबंधन लगभग 46 सीटें जीत सकता है। इसमें यह भी अनुमान लगाया गया है कि जातीय पार्टी तीन सीटें, अन्य पार्टियां चार सीटें और निर्दलीय उम्मीदवार लगभग 17 सीटें जीत सकते हैं।
बीएनपी लोगों की पहली पसंद
देश भर में 41,500 लोगों पर किए गए इस सर्वे के अनुसार, बीएनपी अभी भी ज्यादातर लोगों की पसंद बनी हुई है। इसमें 66.3 प्रतिशत मतदाताओं ने पार्टी को वोट देने की इच्छा जाहिर की है। जमात-ए-इस्लामी 11.9 प्रतिशत के साथ दूसरे नंबर पर है। उसके बाद नेशनल सिटीजन पार्टी को 1.7 प्रतिशत समर्थन मिला। बाकी दलों की बात करें तो इसमें जातीय पार्टी को 4 प्रतिशत समर्थन मिला, जबकि निर्दलीय उम्मीदवार को 2.6 प्रतिशत समर्थन मिला।
सर्वेक्षण में पाया गया कि महिलाओं में बीएनपी का समर्थन ज्यादा है। इनमें से 71.1 प्रतिशत ने पार्टी का समर्थन किया। क्षेत्रीय लेवल पर बीएनपी के नेतृत्व वाले गठबंधन को चटोग्राम और सिलहट में सबसे ज्यादा समर्थन मिला। जमात को बरिशाल और खुलना में मजबूत समर्थन मिला, जबकि जातीय पार्टी को रंगपुर में समर्थन मिला।
बांग्लादेश में चुनाव कैसे होते हैं?
बांग्लादेश में एक सदनीय विधायिका है। यह संसदीय चुनाव प्रणाली का इस्तेमाल करती है और यह भी भारत की तरह ही फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट वोटिंग पर आधारित है। बांग्लादेश की विधायिका को जातीय संसद के नाम से जाना जाता है। इसमें 350 सदस्य हैं। बांग्लादेश की संसद में कुल 350 चुने हुए सदस्य होते हैं। इनमें से 300 सदस्यों को लोग अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से चुनते हैं। वहीं 50 संसद सदस्यों को सीधे चुना जाता है।
बांग्लादेश में वोटों की गिनती कैसे होती है?
बांग्लादेश चुनाव आयोग रजिस्टर्ड वोटर्स को मेल द्वारा बैलेट भेजेगा। वोटर्स को अपने-अपने विकल्प चुनने और समय सीमा का पालन करते हुए मतपत्र वापस करने की जरूरत होती है। हर एक बैलेट की जांच चुनाव अधिकारियों की तरफ से की जाएगी। मतगणन शुरू होने तक वैरिफाइड बैलेट को चुनाव आयोग द्वारा सीलबंद रखा जाएगा। इसके बाद वोटों की गिनती मैन्युअल रूप से या इलेक्ट्रॉनिक रूप से की जाती है। बता दें कि खालिदा जिया के बेटे के सामने बड़ी चुनौती है जमात-ए-इस्लामी पढ़ें पूरी खबर…
