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करोड़ों लोगों को मौत की नींद सुला सकती है ये बीमारी, डॉक्‍टरों को नहीं पता क्‍या है वजह

इस बीमारी के बारे में अभी पता नहीं चल पाया है लेकिन इसे वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन में वैज्ञानिकों द्वारा संभावित वैश्विक महामारी की सूची में रखा गया है। इबोला, एसएआरएस और जीका वायरस को भी इस सूची में शामिल किया गया है।

इस तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

डिजीज एक्स नाम की एक घातक बीमारी फैल रही है जो कि दुनियाभर में करोड़ों लोगों को मौत की नींद सुला सकती है। डेली मेल के मुताबिक, फिलहाल इस बीमारी के बारे में अभी पता नहीं चल पाया है लेकिन इसे वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन में वैज्ञानिकों द्वारा संभावित वैश्विक महामारी की सूची में रखा गया है। इबोला, एसएआरएस और जीका वायरस को भी इस सूची में शामिल किया गया है लेकिन अभीतक यह पता नहीं चल पाया है कि डिजीज एक्स के क्या कारण हैं और इसका इलाज कैसे संभव है। इसे पहले खतरे की सूची में रखा गया था ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन कारणों से यह बीमारी शुरू हुई थी लेकिन उस समय इसके कारण कोई समस्या पैदा नहीं हुई थी।

बता दें कि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने शनिवार को चेतावनी देते हुए कहा था कि यह वैश्विक फ्लू महामारी अगले दिन से शुरू हो सकती है, जिसे 33 लाख लोगों को मारने में केवल 200 दिन लगेंगे। आशा की जा रही है कि भविष्य की संभावित बीमारियों को गंभीरता से लेते हुए देश और शोधकर्ताओं को इस अज्ञात महामारी पर कड़ी मेहनत कर लोगों को सुरक्षित रखने के लिए कार्य किया जाएगा। नॉर्वेजियन वैज्ञानिक और डब्ल्यूएचओ के सलाहकार जॉन-आर्न रोटिंगेन ने द डेली टेलीग्राफ से बातचीत के दौरान कहा कि यह टीके और नैदानिक ​​परीक्षणों में लचीलेपन के महत्व का प्रतिनिधित्व करता है।

यह बीमारी हो सकता है कि प्राकृतिक द्वारा नहीं बल्कि मनुष्य द्वारा बनाई गई हो। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि रासायनिक और जैविक हथियारों को आज के समय में उत्पादन और उपयोग के लिए काम में लाया जा रहा है, जिसके कारण वायरस पैदा हुआ हो। ये बहुत ही खतरनाक हो सकते हैं क्योंकि ऐसा भी हो सकता कि किसी इंसान ने इसपर गंभीरता न दिखाई और जिसके कारण यह तेजी से फैल रही है। इसके साथ यह भी कहा जा रहा है कि डिजीज एक्स प्राकृतिक दुनिया के कारण भी पैदा हो सकता है, जैसे स्पेनिश फ्लू और एचआईवी हुए क्योंकि जानवरों और इंसानों की बीच होने वाले संपर्क में काफी बढ़ोत्तरी हुई है।

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