पूर्वी इंग्लैंड की एक स्थानीय परिषद का प्रतिनिधित्व करने वाले 23 वर्षीय तुषार कुमार ने यूनाइटेड किंगडम में सबसे कम उम्र के भारतीय मूल के मेयर बनकर इतिहास रच दिया। किंग्स कॉलेज लंदन से राजनीति विज्ञान के पूर्व छात्र तुषार कुमार ने पिछले हफ्ते एक समारोह में एल्ट्री और बोरहमवुड के मेयर का पदभार संभाला। लेबर पार्टी के पार्षद 2023 में एल्ट्री और बोरहमवुड नगर परिषद में शामिल हुए थे और इससे पहले डिप्टी मेयर के पद पर काम कर चुके हैं।

समारोह के बाद कुमार ने कहा, ‘यूनाइटेड किंगडम के इतिहास में अब तक का सबसे कम उम्र का भारतीय मूल का मेयर बनना एक अविश्वसनीय सम्मान है।’ उन्होंने कहा, ‘मुझ पर जताए गए भरोसे से मैं सचमुच अभिभूत हूं और इस पूरी यात्रा के दौरान मुझे मिले सभी समर्थन, दयालुता और प्रोत्साहन के लिए आभारी हूं। फेयरवे हाल में मेयर बनाने के समारोह में शामिल हुए सभी लोगों का और उन सभी लोगों का धन्यवाद, जिन्होंने इन वर्षों में मेरा समर्थन किया है।’

कौन हैं तुषार कुमार?

उन्होंने अपने पूर्ववर्ती, निवर्तमान मेयर डैन ओजारो के प्रति, डिप्टी मेयर के रूप में अपने पिछले कार्यकाल के दौरान उनकी सेवा और मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया और पार्षद लिंडा स्मिथ का अपनी नई डिप्टी के रूप में स्वागत किया। उन्होंने कहा, ‘मैं आने वाले वर्ष में मिलकर काम करने को लेकर उत्साहित हूं। मेयर के तौर पर मैं समुदाय के बीच मौजूद रहने, स्थानीय संगठनों और चैरिटी का समर्थन करने और अधिक युवाओं को सार्वजनिक सेवा और सामुदायिक जीवन में शामिल होने के लिए प्रेरित करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहता हूं। जिस शहर से मुझे प्यार है, उसकी सेवा करना मेरे लिए जीवन भर का सौभाग्य है।’

लंदन में पढ़ाई के दौरान ही चुने गए सबसे कम उम्र के पार्षदों में से एक के तौर पर कुमार का मानना है कि असली बदलाव समुदाय के स्तर से ही शुरू होता है। उन्होंने कहा कि एल्ट्री और बोरहमवुड नगर परिषद ने मुझे सुनने, प्रतिनिधित्व करने और काम करने का एक मंच दिया – जिससे मैं वही बदलाव ला सका जहां इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी, यानी अपने घर के पास।

कुमार ने कहा कि किंग्स कॉलेज में बिताए मेरे समय ने मेरे मूल्यों और जनसेवा के प्रति मेरी प्रतिबद्धता को आकार देने में अहम भूमिका निभाई है और मुझे उम्मीद है कि मेरी कहानी दूसरे छात्रों को भी बदलाव लाने के रास्ते को अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। मुझे युवाओं को सशक्त बनाने और शिक्षा के क्षेत्र में काम करने का बहुत जुनून है, इसी वजह से मैंने साक्षरता को बढ़ावा देने वाली पहलों का समर्थन किया।

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