वॉशिंगटन डीसी में मेयर पद के चुनाव में इस बार एक भारतवंशी भी मैदान में उतरी हैं। उनका नाम रिनी संपत है। रिनी संपत बचपन में ही, करीब 7 साल की उम्र में, तमिलनाडु से अमेरिका चली गई थीं। तब से लेकर अब तक वह वॉशिंगटन डीसी में ही रह रही हैं। इस बार वह वॉशिंगटन डीसी के मेयर पद के लिए अपनी किस्मत आजमा रही हैं। अगर वह जीत जाती हैं, तो एक नया रिकॉर्ड बना सकती हैं। फिलहाल भी वह इस चुनाव में उतरने वाली पहली दक्षिण एशियाई उम्मीदवारों में से एक हैं।

अपनी चुनावी वेबसाइट पर रिनी संपत कहती हैं, “मैं पारंपरिक नेता नहीं हूं और न ही किसी खास समूह से जुड़ी हूं। अब समय आ गया है कि कोई बाहरी व्यक्ति हमारे शहर की बुनियादी सेवाओं को सुधारने का काम करे।”

जीत के प्रति आश्वस्त रिनी संपत

रिनी संपत अपनी जीत को लेकर काफी आश्वस्त नजर आती हैं। उनका कहना है कि उन्होंने बहुत कम समय में खुद को इस चुनाव में एक मजबूत दक्षिण एशियाई उम्मीदवार के रूप में स्थापित किया है, जिसे वह बड़ी उपलब्धि मानती हैं।

वॉशिंगटन डीसी में लंबे समय से डेमोक्रेटिक पार्टी का दबदबा रहा है। 1975 में यहां चुनाव शुरू होने के बाद से अब तक कोई भी रिपब्लिकन उम्मीदवार मेयर नहीं बन पाया है। रिनी संपत का कहना है कि अगर वह मेयर बनती हैं, तो उनकी पहली प्राथमिकता शहर के लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना होगी। इसमें सड़कों के गड्ढे भरवाना और शहर की मूल सुविधाओं में सुधार शामिल है।

जानकारी के लिए बता दें कि प्राइमरी चुनाव 16 जून को होने हैं, जबकि आम चुनाव 3 नवंबर को आयोजित किए जाएंगे। मेयर पद की दौड़ में इस समय कई उम्मीदवार शामिल हैं, जिनमें जेनीस लुईस जॉर्ज, केनियन मैकडफी, गैरी गुडवेदर, रॉबर्ट एल ग्रॉस और रोंडा हैमिल्टन जैसे नाम भी शामिल हैं।