पिछले एक महीने से ज्यादा समय से जारी अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध की वजह से दुनिया के सबसे बड़ा ऑयल शिपिंग रूट में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बाधित है। अब अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम के बाद तेहरान ने दावा किया है कि अमेरिका ने Strait of Hormuz पर ईरान के कंट्रोल को मान्यता देने पर सहमति जताई है। यह दावा कथित रूप से उस ’10 सूत्रीय योजना’ का हिस्सा है जिसे युद्धविराम के लिए पेश किया गया था। ईरान के स्टेट टीवी के मुताबिक, दोनों देशों ने अब इस शर्त पर राज़ी हो गए हैं।
मंगलवार को जब डोनाल्ड ट्रंप ने दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा की तो तेहरान ने इसे अपनी जीत बताया। ईरान ने कहा कि उसने अमेरिका को अपने ’10 शर्तों’ को स्वीकार करने के लिए मजबूर कर दिया। इन शर्तों में Strait of Hormuz पर तेहरान का नियंत्रण और यूरेनियम संवर्धन (enrichment) को स्वीकार करने जैसी कई शर्तें शामिल हैं। यह जानकारी ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के एक बयान में दी गई जिसे ईरान के सरकारी टीवी ने रिपोर्ट किया है।
14 दिनों का सीज़फायर और होर्मुज स्ट्रेट से सप्लाई चालू
CNN ने काउंसिल के हवाले से कहा, ”इस रास्ते (समुद्री मार्ग) से जहाजों की आवाजाही ईरान की सेना की देखरेख और उनकी अनुमति से होगी।”
युद्ध में 14 दिनों के सीज़फायर की घोषणा उस समय हुई जब ट्रंप द्वारा तय की गई अमेरिका-ईरान समझौते की समय सीमा खत्म होने में सिर्फ 90 मिनट बाकी थे।
ट्रंप ने कहा कि यह युद्धविराम इस शर्त पर है कि ईरान उस स्ट्रेट से तेल और गैस की सप्लाई की रोक हटा देगा जिसके जरिए दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से के तेल की सप्लाई होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने 10 शर्तों वाला एक प्रस्ताव दिया है जो बातचीत के लिए ‘व्यवहारिक आधार’ है और उन्हें उम्मीद है कि दो हफ्तों के इस युद्धविराम के दौरान समझौता पूरी तरह से तय और लागू हो जाएगा।
ट्रंप का बयान
ट्रंप ने अपने Truth Social प्लेटफॉर्म पर लिखा, ”यह एक दो-तरफा युद्धविराम (सीज़फायर) होगा।” उन्होंने कहा, ”ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि हम ना केवल अपने सभी सैन्य उद्देश्यों को पहले ही हासिल कर चुके हैं बल्कि उनसे आगे बढ़ चुके हैं और ईरान के साथ लंबे समय की शांति तथा मध्य पूर्व में शांति के लिए एक पक्के समझौते के काफी करीब हैं।”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते जहाज़ों के ट्रैफिक को संभालने में मदद करेगा। उन्होंने कहा, ”हम हर तरह की ज़रूरी सप्लाई के साथ वहां मौजूद रहेंगे और हालात पर नज़र रखेंगे ताकि सब कुछ ठीक तरीके से चलता रहे।”
10 सूत्रीय योजना पर सहमति
ट्रंप ने यह भी कहा कि यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ उनकी बातचीत के बाद लिया गया।
ट्रंप ने कहा, ”पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ हुई बातचीत के आधार पर पर लिया गया। उन्होंने मुझसे आज रात ईरान पर होने वाले हमले को रोकने का अनुरोध किया और इस शर्त पर कि ईरान तुरंत पूरी तरह और सुरक्षित तरीके से Strait of Hormuz को खोलने के लिए सहमत हो, मैं ईरान पर बमबारी और हमले को दो हफ्तों के लिए रोकने के लिए सहमत हूं।”
ट्रंप ने कहा, “अमेरिका और ईरान के बीच पिछले विवाद के लगभग सभी बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है, लेकिन दो हफ्तों का संघर्ष विराम समझौते को अंतिम रूप देने और लागू करने में मदद करेगा।”
‘अब हमला नहीं करेंगे’
दूसरी तरफ, ईरान ने भी इस प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने कहा कि अगर उनके देश पर कोई हमला नहीं होता तो ईरानी सेना भी अपनी कार्रवाई रोक देगी।
उन्होंने यह भी बताया कि अगले दो हफ्तों तक होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही ईरान की सेना की निगरानी और समन्वय जारी रहेगा। अरागची ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की कोशिशों की सराहना की जिनकी पहल से बातचीत का रास्ता खुला। ऐसा माना जा रहा है कि इस दौरान दोनों देशों के बीच वार्ता तेज होगी और इस्लामाबाद में एक शांति बैठक भी आयोजित की जा सकती है।
ईरान की 10 शर्तें कौन-कौन सी हैं?
अमेरिका और ईरान के बीच में दो हफ्ते का सीजफायर हो गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसका ऐलान किया है। ईरान ने भी इस युद्ध को समाप्त करने के लिए 10 शर्तें रखी हैं। इसमें राहत की मांग से लेकर यूएन से कुछ खास अपील की गई हैं। यहां जानें सभी शर्तें…
