ताज़ा खबर
 

अमेरिका में एक लाख लोगों ने पाकिस्‍तान को आतंक प्रायोजक घोषित करने की याचिका पर किए साइन

यह ऑनलाइन याचिका पिछले सप्ताह 21 सितंबर को भारतीय अमेरिकियों ने शुरू की थी और अब यह व्हाइट हाउस की वेबसाइट पर तीसरी सर्वाधिक लोकप्रिय याचिका बन गई है।

Author September 27, 2016 11:06 AM
21 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने के बाद चश्मा हटाते पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ। (Photo- REUTERS/File)

पाकिस्तान को आतंकवाद का प्रायोजक देश घोषित करने की मांग वाली ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर करने वालों की संख्या 1,00,000 से अधिक हो चुकी है। अब ओबामा प्रशासन को इस पर जवाब देना पड़ सकता है। यह ऑनलाइन याचिका पिछले सप्ताह 21 सितंबर को भारतीय अमेरिकियों ने शुरू की थी और अब यह व्हाइट हाउस की वेबसाइट पर तीसरी सर्वाधिक लोकप्रिय याचिका बन गई है जिस पर करीब 1,10,000 लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं। कांग्रेस सदस्य और आतंकवाद पर सदन की उप समिति के अध्यक्ष टेड पोए ने कांग्रेस सदस्य डाना रोरबाशर के साथ मिल कर प्रतिनिधि सभा में ‘‘पाकिस्तान स्टेट स्पॉन्सर ऑफ टेरॅरिज्म डेजिग्नेशन एक्ट’’ पेश किया था। याचिका में कहा गया है, ‘‘अमेरिका, भारत और उन कई अन्य देशों के लिए यह याचिका महत्वपूर्ण है जो पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से लगातार प्रभावित हैं।’’

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की पहल के तौर पर व्हाइट हाउस की वेबसाइट पर ‘‘वी द पीपल’’ ऑनलाइन याचिका अमेरिकी नागरिकों को एक खास मुद्दे पर प्रशासन के समक्ष अभियान के लिए एक मंच मुहैया कराती है। इस सूची में सबसे ऊपर ‘‘डकोटा एक्सेस पाइपलाइन’’ का निर्माण रोकने की मांग करने वाली याचिका है जिस पर 2,10,000 से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हैं। इसके बाद एक अन्य याचिका ‘‘क्रैटोम को अनुसूचित 1 तत्व’’ न बनाने की मांग वाली याचिका है जिस पर 1,37,000 लोगों के हस्ताक्षर हैं। इस बीच, व्हाइट हाउस ने कहा है कि वह फिलहाल, पाकिस्तान के साथ आतंकवाद से निपटने की अपनी क्षमता को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। व्‍हाइट हाउस के उप प्रवक्ता मार्क टोनर ने कहा ‘‘वह (आतंकवाद का प्रायोजक देश का दर्जा देना) बहुत ही विशिष्ट प्रक्रिया और मंथन है जिसमें कानूनी पहलू और आकलन भी शामिल हैं।’’

HOT DEALS
  • Apple iPhone 7 32 GB Black
    ₹ 41677 MRP ₹ 50810 -18%
    ₹0 Cashback
  • Sony Xperia L2 32 GB (Gold)
    ₹ 14850 MRP ₹ 20990 -29%
    ₹0 Cashback

उन्होंने कहा ‘‘हमारा ध्यान पाकिस्तान के साथ आतंकवाद से निपटने की अपनी क्षमता को बढ़ाने पर तथा उनकी भूमि पर आतंकवाद के खतरे से निपटने पर केंद्रित है। वे हिंसक चरमपंथ के खिलाफ गंभीर और सतत अभियान चला रहे हैं। हम मानते हैं कि वे प्रगति कर रहे हैं और आतंकवाद की हिंसा से निपटने के लिए कदम उठा रहे हैं लेकिन हम इस बात को लेकर भी बिल्कुल स्पष्ट हैं कि उन्हें पाकिस्तान के पड़ोसियों को निशाना बनाने वाले आतंकवादी समूहों सहित सभी आतंकी समूहों को खत्म करने और सभी पनाहगाहों को बंद करने की जरूरत है।’’

प्रवक्ता ने दोहराया कि अमेरिका की लंबे समय से राय रही है और वह मानता भी है कि संबंध सामान्य होने से भारत और पाकिस्तान को वास्तव में फायदा होगा। उन्होंने कहा ‘हम भारत और पाकिस्तान दोनों को सीधी बातचीत करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं जिसका उद्देश्य तनाव कम करना है।’ उप प्रवक्ता मार्क टोनर ने कहा ‘पाकिस्तान, भारत और क्षेत्र के संदर्भ में हम लंबे समय से कहते रहे हैं कि यहां ऐसा खेल होना ही नहीं चाहिए जिसमें किसी को कुछ भी हासिल न हो। भारत के साथ हमारे बेहद करीबी रिश्ते हैं।’

उन्होंने कहा ‘भारत के साथ हमारे गहरे और व्यापक द्विपक्षीय, बहुपक्षीय रिश्ते हैं। वह :भारत: दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और हम दुनिया के संबंध में एक समान दृष्टिकोण साझा करते हैं। भारत के साथ हमारे बेहद करीबी व्यापार तथा आर्थिक संबंध हैं और हमारे रिश्ते सुरक्षा सहयोग तक गए हैं।’ टोनर ने कहा ‘इसी तरह हम पाकिस्तान को भी उसके भूभाग में अपने गढ़ बनाने के इच्छुक आतंकवादी समूहों और आतंकवाद के कारण उत्पन्न खतरे से निपटने में सक्षम बनते देखना चाहते हैं।’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App