अमेरिका के व्हाइट हाउस के पास हुई गोलीबारी के बाद पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहली प्रतिक्रिया में सुरक्षा एजेंसियों की जल्दी और सही कार्रवाई करने के लिए उनकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि उनकी वजह से हालात बिगड़ने से बच गए और समय रहते सब कुछ कंट्रोल में आ गया। ट्रंप ने इस घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह मामला देश की “सबसे अहम और खास इमारत के प्रति जुनून” से जुड़ा हुआ लग रहा है। यानी व्हाइट हाउस जैसे बड़े और अहम स्थान को लेकर लोगों की सोच या भावना इस तरह की घटनाओं में दिखती है।

उन्होंने आगे कहा कि ऐसी घटनाएं बहुत गंभीर होती हैं और इन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता। व्हाइट हाउस जैसी जगह की सुरक्षा पर लगातार ध्यान देना जरूरी है, ताकि आगे किसी भी तरह की चूक न हो और ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

यह घटना उस समय हुई जब व्हाइट हाउस के बाहरी सुरक्षा क्षेत्र, यानी चेकपॉइंट के पास एक संदिग्ध व्यक्ति ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। कुछ ही पलों में वहां अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत पूरे इलाके को हाई अलर्ट पर डाल दिया। व्हाइट हाउस के अंदर और आसपास मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और पूरे परिसर को अस्थायी रूप से लॉकडाउन कर दिया गया।

फायरिंग के दौरान स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी क्योंकि हमलावर लगातार गोलीबारी कर रहा था। मौके पर मौजूद सीक्रेट सर्विस और अन्य सुरक्षा बलों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए इलाके को घेर लिया। कुछ ही समय में हमलावर को नियंत्रित करने की कोशिश की गई और जवाबी फायरिंग में उसे वहीं ढेर कर दिया गया। बाद में उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इस घटना में एक आम नागरिक के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि घायल व्यक्ति को गोली कैसे लगी या वह किस स्थिति में वहां मौजूद था। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे पहलू की गहराई से जांच कर रही हैं।

घटना के समय पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के अंदर ही मौजूद थे और पूरी तरह सुरक्षित रहे। स्थिति पर काबू पाने के बाद उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखा गया और कुछ समय बाद परिसर को सामान्य स्थिति में लाया गया।

बाद में ट्रंप ने इस घटना पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा कि व्हाइट हाउस जैसे बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थान के पास इस तरह की घटना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक सुरक्षा चुनौती नहीं, बल्कि एक चेतावनी है कि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है।

उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों और सीक्रेट सर्विस की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि उनकी तेज कार्रवाई ने बड़ी क्षति को रोक दिया। ट्रंप ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भविष्य में और सख्त कदम उठाने होंगे ताकि किसी भी तरह की चूक की गुंजाइश न रहे।

फिलहाल अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई इस पूरे मामले की जांच कर रही है। हमलावर की पहचान, उसके मकसद और घटना के पीछे संभावित कारणों का पता लगाने की कोशिश जारी है। अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि यह घटना किसी अकेले व्यक्ति की कार्रवाई थी या इसके पीछे कोई संगठित योजना थी। घटना के बाद व्हाइट हाउस और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है और निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी स्थिति को रोका जा सके।

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व्हाइट हाउस के बाहर शनिवार देर रात अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट गूंजी तो वहां मौजूद पत्रकारों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही सेकेंड में माहौल ऐसा हो गया मानो किसी फिल्म का लाइव एक्शन सीन चल रहा हो। कैमरे ऑन थे, रिपोर्टर लाइव अपडेट दे रहे थे और तभी सुरक्षा अधिकारियों ने जोर से चिल्लाते हुए सभी पत्रकारों को तुरंत सुरक्षित जगह की ओर भागने का आदेश दे दिया। देखते ही देखते व्हाइट हाउस का नॉर्थ लॉन खाली हो गया और रिपोर्टर अपने कैमरे, फोन और उपकरण संभालते हुए प्रेस ब्रीफिंग रूम की तरफ दौड़ पड़े। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक