पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की मार भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान पर बुरी तरह से पड़ी है। पाकिस्तान के प्रधानमंंत्री शहबाज शरीफ ने अपने देश पर पड़ रहे युद्ध के प्रभावों को कम करने के लिए सोमवार रात कई उपायों की घोषणा की। इनमें वर्क फ्रॉम होम और फोर डे वर्किंग वीक शामिल हैं। इसके अलावा कुछ सरकारी कर्मचारी और सांसदों का वेतन काटने का भी ऐलान किया गया है।

शहबाज शरीफ ने सोमवार रात पाकिस्तान को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था खाड़ी से तेल आपूर्ति पर निर्भर है और तेल की कीमतों में इजाफे के कारण उनके देश को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

शहबाज शरीफ ने क्या ऐलान किए?

अब पाकिस्तान में सभी सरकारी दफ्तर हफ्ते में चार दिन – सोमवार से गुरुवार तक काम करेंगे। हालांंकि बैंक और उनके कर्मचारियों को अतिरिक्त छुट्टी नहीं दी गई है। यह फैसला कृषि और औद्योगिक सेक्टर के अलावा अस्पताल और एंबुलेंस सेवाओं सहित आवश्यक सेवाओं पर भी लागू नहीं होगा।

पाकिस्तान में सभी स्कूल और कॉलेज अगले दो हफ्तों तक बंंद रहेंगे। उच्च शिक्षा आयोग (HEC) के तहत आने वाले संस्थानों में ऑनलाइन पढ़ाई होगी।

शहबाज शरीफ ने यह भी ऐलान किया कि सभी सरकारी और आधिकारिक वाहनों को अगले दो हफ्तों तक 50% कम पेट्रोल मिलेगा। यह पाबंदी एंबुलेंस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए लागू नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि 60% सरकारी और आधिकारिक वाहन अगले दो हफ्ते तक इस्तेमाल नहीं किए जाएंगे।

मंत्रियों को नहीं मिलेगी सैलरी

शहबाज शरीफ ने कहा कि अगले दो महीनों तक किसी भी फेडरल मंत्री, सलाहकार या स्पेशल असिस्टेंट को सैलरी नहीं मिलेगी। उन्होंने पाकिस्तान के सभी सांसदों की सैलरी में 25% कटौती की भी घोषणा की। सरकारी संस्थानों और विभागों के खर्च में भी 20% की कटौती की जाएगी।

सभी केंद्र और राज्य के मंत्रियों, सलाहकारों, स्पेशल असिस्टेंट और सरकारी अधिकारियों के विदेश दौरों पर पूरी तरह रोक रहेगी।

शहबाज शरीफ ने कहा, “यह रोक प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और राज्यपालों पर भी लागू होगी, जबकि देश के हित के लिए जरूरी दौरे ही किए जा सकेंगे।” इसके अलावा उन सभी सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में 20% कट किया जाएगा जिनका वेतन तीन लाख रुपये से ज्यादा है।

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पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण एलपीजी और ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने प्राकृतिक गैस (आपूर्ति विनियमन) आदेश, 2026 जारी कर गैस के उत्पादन, आपूर्ति और वितरण को नियंत्रित करने का फैसला किया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें