Russia-Ukraine War News: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रविवार को कहा कि मॉस्को एक मुश्किल दौर से गुजर रहा है, लेकिन उन्होंने जोर देकर यह भी कहा कि उनका देश हर चुनौती से पार पा लेगा। सितंबर में होने वाले संसदीय चुनावों से पहले सत्ताधारी ‘यूनाइटेड रशिया’ पार्टी के सम्मेलन में बोलते हुए पुतिन ने देश के सामने आ रही मुश्किलों को माना, लेकिन कहा कि इन मुश्किलों ने रूस को और मजबूत बनाया है।

रूसी सरकारी समाचार एजेंसी TASS के मुताबिक, व्लादिमीर पुतिन ने कहा, “हम एक मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं, लेकिन इसने हमें बहुत कुछ सिखाया है।” साथ ही, उन्होंने आगामी चुनावों में अपनी पार्टी की सफलता की कामना भी की।

रूसी नेता ने यूक्रेन के बढ़ते हमलों के बावजूद नेशनल सिक्योरिटी को मजबूत करने का भी वादा किया। पुतिन ने कहा, “हां, हम समस्याओं को देख रहे हैं, हमें उनके बारे में पता है और हम उनका जवाब दे रहे हैं, लेकिन हम निश्चित रूप से देश और अपने नागरिकों की सुरक्षा, और साथ ही रूस की सीमाओं की अखंडता सुनिश्चित करेंगे।”

उन्होंने आगे कहा, “हम निस्संदेह आज हमारे सामने आने वाली सभी चुनौतियों से पार पा लेंगे, जिनमें हमारे इलाके और बुनियादी ढांचे की सुविधाओं पर होने वाले आतंकवादी हमले भी शामिल हैं।”

रूस की दो और ऑयल रिफायनरी को नुकसान

इस संघर्ष में ताजा अपडेट की बात करें तो शनिवार-रविवार रात यूक्रेन के ड्रोन हमलों में रूस की दो और ऑयल रिफायनरियों को नुकसान हुआ है। इन हमलों में दो लोग भी मारे गए हैं।

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि इन हमलों का मकसद मॉस्को की युद्ध जारी रखने और उसके लिए पैसे जुटाने की क्षमता को कमजोर करना था। एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि यूक्रेनी सेना ने क्रास्नोडार क्षेत्र में स्लाव्यांस्क तेल रिफाइनरी और यारोस्लाव क्षेत्र में एक और रिफाइनरी पर हमला किया।

बता दें कि यूक्रेन ने हाल के महीनों में रूस के सैन्य-औद्योगिक और ऊर्जा ठिकानों पर हमले काफी बढ़ा दिए हैं। इसका मकसद ईंधन की सप्लाई में रुकावट डालना, हथियारों के उत्पादन को नुकसान पहुंचाना और युद्ध का असर रूसी नागरिकों तक पहुंचाना है।

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यूक्रेन और रूस के बीच जंग को शुरू हुए आज ठीक 4 साल हो गए हैं। इसी बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि रूस के साथ लगभग चार साल के युद्ध के बाद यूक्रेनी लोग थक चुके हैं, लेकिन उन्होंने यह साफ कर दिया कि मॉस्को की मांगों के आगे झुकना कोई विकल्प नहीं है। साथ ही जेलेंस्की ने इस बात पर जोर दिया कि यूक्रेन की संप्रभुता को कमजोर करने वाला कोई भी समझौता देश को पूरी तरह से खोने के बराबर होगा। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…