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विजय माल्या को झटका, ब्रिटेन की हाई कोर्ट का आदेश- भारतीय बैंकों को दो हर्जाना

भारतीय बैंकों से करोड़ों रुपये का कर्ज लेकर भारत से भागकर लंदन में निर्वासित जीवन बिता रहे कारोबारी विजय माल्या को तगड़ा झटका लगा है। ब्रिटिश हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि माल्या उसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे 13 बैंकों को कम से कम 2 लाख पाउंड (करीब 1 करोड़ 81 लाख रुपये) हर्जाने के तौर पर दे।

Author नई दिल्ली | June 16, 2018 11:51 AM
62 वर्षीय विजय माल्या पर भारत के बैंकों के 9 हजार करोड़ रुपए की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का केस चल रहा है।
भारतीय बैंकों से करोड़ों रुपये का कर्ज लेकर भारत से भागकर लंदन में निर्वासित जीवन बिता रहे कारोबारी विजय माल्या को तगड़ा झटका लगा है। ब्रिटिश हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि माल्या उसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे 13 बैंकों को कम से कम 2 लाख पाउंड (करीब 1 करोड़ 81 लाख रुपये) हर्जाने के तौर पर दे। बता दें कि 13 भारतीय बैंक अपना बकाया वसूलने के लिए विजय माल्या के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। बीते महीने जज एंड्रयू हेन्शॉ ने माल्या की संपत्तियों को फ्रीज करने से जुड़े फैसले को बदलने से इनकार कर दिया था। उन्होंने भारतीय अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसके मुताबिक स्टेट बैंक की अगुआई वाला 13 बैंकों का समूह माल्या पर बकाया करीब 12 हजार करोड़ रुपये वसूलने का हकदार है।मामले से जुड़े एक कानूनी एक्सपर्ट ने बताया, ‘कोर्ट ने आदेश दिया कि माल्या बैंकों को हर्जाना दें। मूल आदेश यह है कि किसी एक रकम पर दोनों पक्ष सहमत हो जाएं या कोर्ट बैंकों द्वारा कानूनी प्रक्रिया पर खर्च की गई रकम का आकलन करे।’ कोर्ट द्वारा खर्च का आकलन करना एक अलग प्रक्रिया है। इसके तहत ब्रिटेन में एक विशेष कॉस्ट जज की अदालत में सुनवाई होती है। हालांकि, इस दौरान माल्या बैंकों को कानूनी खर्च के तौर पर कम से कम 2 लाख पाउंड देंगे। बता दें कि माल्या के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे बैंकों में एसबीआई के अलावा बैंक ऑफ बड़ौदा, कॉर्पोरेशन बैंक, फेडरल बैंक लिमिटेड, आईडीबीआई बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, जम्मू ऐंड कश्मीर बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, पंजाब नैशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, यूको बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और जेएम फाइनैंशल एसेट रिकंस्ट्रक्शन आदि शामिल हैं।

माल्या भारत प्रत्यर्पित किए जाने के खिलाफ भी अलग से केस लड़ रहा है। उस पर 9 हजार करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। उसने ब्रिटेन की कोर्ट ऑफ अपील में याचिका दाखिल कर रखी है। बीते साल अप्रैल महीने में प्रत्यर्पण के वॉरंट पर हुई गिरफ्तारी के बाद से माल्या बेल पर है। माल्या के वकीलों ने अपने मुवक्किल पर लगने वाले आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें राजनीति से प्रेरित बताया था। उन्होंने माल्या के प्रत्यर्पण को मानवाधिकारों के आधार पर भी चुनौती दी थी। वकीलों ने माल्या को भारत भेजे जाने की दशा में भारतीय जेलों के हालात पर भी सवाल उठाए थे।

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