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विजय माल्‍या केस में ब्रिटिश जज ने भारत की लेट-लतीफी पर कसा तंज, पूछा- क्‍या जवाब देने में बड़ी जल्‍दी करते हैं भारतीय?

ओरोन वाटकिंस ने सबूत हासिल करने के लिए अदालत से 3-4 सप्ताह का समय मांगा है।

विजय माल्या पिछले साल भारत छोड़कर लंदन भाग गया था। (फाइल फोटो)

लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट में विजय माल्या के प्रत्यर्पण केस की सुनवाई चल रही है। जज ने अभी फाइनल हियरिंग की तारीख 4 दिसंबर तय की है, जुलाई में होने वाली अगली सुनवाई में इसका रिव्यू किया जाएगा। कोर्ट से विजय माल्या को 4 दिसंबर तक की बेल मिल चुकी है। विजय माल्या केस में भारत की ओर से पेश हुए क्राउन प्रॉसीक्यूशन सर्विस (CPS) के ओरोन वाटकिंस ने सबूत हासिल करने के लिए वेस्टमिंस्टर कोर्ट से 3-4 सप्ताह का समय मांगा है। वाटकिंस की इस मांग पर जज ने भारत पर तंज कसते हुए कहा, क्या भारतीय जवाब देने में बड़ी जल्दी करते हैं? अब तक वो लोग 6 महीने ले चुके हैं और पिछले 6 हफ्तों से इस मामले में कोई अपडेट नहीं मिला है। जज ने कहा कि इस मामले में अगर इसके बाद भी कोई सबूत पेश करने में नाकाम रहे तो इस केस की अगली सुनवाई अप्रैल 2018 तक के लिए टाली जा सकती है। जज ने यह भी कहा कि अगर सभी चीजें सही चलती रहीं तो सुनवाई दिसंबर में हो सकती है। वाटकिंस ने कहा कि इस मामले में हमारे भारत सरकार के साथ अच्छे और करीबी कामकाजी संबंध हैं। इस मामले में कुछ सबूत आ चुके हैं पर काफी नहीं हैं।

बता दें कि वेस्टमिंस्टर कोर्ट में बैंकों के नौ हजार करोड़ के कर्जदार माल्या के प्रत्यर्पण केस की सुनवाई चल रही है। जिसमें माल्या मंगलवार (13जून) को कोर्ट के सामने पेश हुए थे। जिसके बाद माल्या को 4 दिसंबर तक के लिए बेल दे दी गई। माल्या की डिफेंस टीम भी फाइनल सुनवाई की तारीख मार्च या अप्रैल 2018 में चाहती है। टीम के एक सदस्य ने दावा किया कि उन्हें भी अभी भारतीय सरकार से पूरे सबूत मिलने का इंतजार है। साथ ही कहा कि सबूत मांगने का अनुरोध छह सप्ताह पहले किया गया था।

विजय माल्या ने मंगलवार (13 जून) को कहा था मैं सभी आरोपों से इनकार करता हूं। मैं किसी भी अदालत से भाग नहीं रहा। अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए मेरे पास काफी सबूत हैं। जब एक ब्रिटिश रिपोर्टर ने पूछा कि आपके अरबों पाउंड का क्या होगा, तो माल्या ने कहा- आप अरबों पाउंड के सपने देखते रहें, क्योंकि आपके पास कोई सबूत नहीं हैं। इसलिए सवाल ना पूछें।

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