वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और मौजूदा कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज एक भारतीय आध्यात्मिक गुरु के प्रति गहरी श्रद्धा रखते हैं। दोनों ही नेता ईसाई धर्म के कैथोलिक पंथ को मानने वाले हैं। इन दोनों ही नेताओं पर सत्य साईं बाबा का गहरा असर रहा है।

सत्य साईं बाबा का 2011 में निधन हो गया था। सत्य साईं बाबा ने एकता, प्रेम और आध्यात्मिक एकत्व का संदेश दिया।

मादुरो को तीन जनवरी को अमेरिकी सेना ने गिरफ्तार कर लिया था। इसके कुछ वक्त पहले ही मादुरो ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में साईं बाबा के 100वें जन्मदिन को लेकर शुभकामनाएं दी थीं और उम्मीद जताई थी कि इस महान गुरु का ज्ञान उनका मार्गदर्शन करता रहेगा।

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सत्य साईं बाबा के आश्रम आई थीं रोड्रिगेज

रोड्रिगेज 2023 और 2024 में आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी शहर में स्थित सत्य साईं बाबा के आश्रम और मुख्यालय आई थीं। रोड्रिगेज ने अपनी यात्रा के दौरान संगठन के आधिकारिक चैनल को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि कठिन समय में भी उन्हें गुरु की मौजूदगी का अनुभव होता है।

रोड्रिगेज ने कहा था, “कई बार जब मैं मुश्किल में थी, तो मैंने बाबा को अपने साथ, अपने परिवार के साथ और अपने देश के साथ महसूस किया। वह हमेशा हमारे साथ हैं, हमें शिक्षा दे रहे हैं और शांति और प्रेम का मार्ग दिखा रहे हैं।”

चरणों में बैठे थे मादुरो और उनकी पत्नी

अमेरिकी सेना ने जब मादुरो को गिरफ्तार किया था तो उन्होंने खुद को ‘ईश्वर का आदमी’ और बेकसूर बताया था। मादुरो की गिरफ्तारी के बाद भारत में कई मीडिया आउटलेट ने साल 2005 की एक फोटो छापी थी जिसमें मादुरो और उनकी पत्नी को सत्य साईं बाबा के चरणों में बैठे हुआ दिखाया गया था।

यह भी बताया गया कि मादुरो ने कराकस स्थित राष्ट्रपति भवन मिराफ्लोरेस पैलेस में अपने दफ्तर में साईं बाबा की बड़ी फ्रेम की तस्वीर लगाई थी।

साल 2011 में साईं बाबा के निधन पर मादुरो ने वेनेजुएला में राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया था और 2025 में साईं बाबा की जन्म शताब्दी के मौके पर मादुरो ने उन्हें निःस्वार्थ प्रेम, सेवा और सत्य का मार्गदर्शक बताया था।

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