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वेनेजुएलाः राष्‍ट्रपति को तानाशाही शक्तियां देने वाले मतदान से जनता दूर, विरोध कर रहे 10 नागरिकों की मौत

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को वस्तुत: असीमित शक्तियां प्रदान करने वाले मतदान से अधिकतर लोगों ने दूरी बनाई और बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरे।

Author कराकस | July 31, 2017 5:06 PM
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को वस्तुत: असीमित शक्तियां प्रदान करने वाले मतदान से अधिकतर लोगों ने दूरी बनाई और बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरे।

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को वस्तुत: असीमित शक्तियां प्रदान करने वाले मतदान से अधिकतर लोगों ने दूरी बनाई और बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों एवं बलों के बीच हुए संघर्ष में 10 लोगों की मौत हो गई। मतदान के जरिए सरकार वेनेजुएला पर पूर्ण राजनीतिक प्रभुत्व हासिल करने की पूरी कोशिश कर रही है। सरकार के इस कदम से अमेरिकी प्रतिबंध और नए सिरे से सड़कों पर दंगे होने की आशंका बढ़ गई है। अप्रैल से शुरू हुए इन संघर्षों में कम से कम 122 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 2,000 लोग घायल हुए हैं। हसा के कारण मतदान बुरी तरह प्रभावित हुए थे।  प्रदर्शनकारियों ने मतदान केंद्रों पर हमला किया जिसके जवाब में सुरक्षा बलों ने गोलीबारी की। इस हिंसा में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई।

अर्जेंटीना, कोलंबिया, पेरू, पनामा, और अमेरिका का कहना है कि वे इस मतदान को मान्यता नहीं देंगे। कनाडा और मैक्सिको ने भी चुनाव को अस्वीकार करने के संबंध में बयान जारी किया है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत निकी हेली ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘मादुरो का यह दिखावटी चुनाव तानाशाही की ओर एक और कदम है। हम अवैध सरकार को स्वीकार नहीं करेंगे। वेनेजुएला की जनता एवं लोकतंत्र की जीत होगी।’’ राजधानी में करीब 20 लाख लोग हैं लेकिन दर्जनों मतदान केंद्र वस्तुत: खाली रहे। इसके विपरीत, पश्चिमी कराकस में पॉलीद्रो स्पोर्ट्स और कल्चरल कॉम्पलेक्स में हजारों लोग दो घंटों तक मतदान केंद्रों पर वोट डालने के लिए इंतजार करते दिखे।

विपक्षी-प्रभुत्व वाले कई मतदान केंद्र बंद भी रहे। मतदान को सत्तारूढ़ पार्टी की धांधली करार देते हुए विपक्षी नेताओं ने इसका बहिष्कार करने का निर्णय लिया था और दोपहर के बाद कम मतदान को उन्होंने अपनी शानदार विजय करार दिया। विपक्ष के नियंत्रण वाली लेकिन काफी हद तक शक्तिविहीन नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जुलियो बोर्गस ने कहा, ‘‘हमें यह काफी स्पष्ट है कि सरकार को आज हार का सामना करना पड़ा है।

शनिवार को एक टीवी साक्षात्कार में मतदान की शक्ति को सर्वोपरि करार देते हुए मादुरो ने स्पष्ट कर दिया था कि वह सभा का इस्तेमाल केवल देश के संविधान को दोबारा लिखने के ही नहीं बल्कि बिना किसी नियंत्रण के शासन करने के लिए भी करेंगे। इस बीच एएफपी की खबर के अनुसार विपक्ष ने आज और बुधवार को नई सभा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की अपील की है। विपक्ष के वरिष्ठ नेता हेनरिक कैप्रिल्स ने कल कहा, ‘‘हम इस धोखाधड़ी की प्रक्रिया को मान्यता नहीं देते।’’

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