हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायल के हवाई हमलों के बाद ईरान ने बुधवार को होर्मुज जलमार्ग को एक बार फिर बंद कर दिया। ईरान ने युद्ध को समाप्त करने के लिए 10 शर्तें रखी हैं। इस मुद्दे पर पहली बातचीत पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होनी है। इस बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरान ने अमेरिकी वार्ता से पहले युद्धविराम के लिए तीन अलग-अलग प्लान पेश किए जिनमें से पहले ड्राफ्ट को चैटजीपीटी से लिखा गया था।
जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम से पहले ईरान द्वारा तीन अलग-अलग 10 सूत्रीय एजेंडा भेजा गया था। वेंस ने कहा कि इन तीन में से पहला चैटजीपीटी से लिखा गया था। उन्होंने आगे कहा कि ईरान द्वारा दिए गए तीन अलग-अलग प्रस्तावों के कारण इस बात को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है कि कौन सा प्रस्ताव 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता का आधार बनेगा।
ईरान ने पेश किया 10 सूत्रीय प्रस्ताव
सीएनएन की खबर के मुताबिक, वेंस ने कहा, “पहला 10 सूत्रीय प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था और हमें लगता है कि इसे शायद चैटजीपीटी से लिखा गया था। इसे स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर को प्रस्तुत किया गया था जिसे तुरंत कचरे में फेंक दिया गया और अस्वीकार कर दिया गया।” उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर उन्होंने जो तीसरा एजेंडा देखा है, वह पहले से भी कहीं अधिक अतिवादी है। उन्होंने कहा, “पहला प्रस्ताव ईरान के किसी अनाड़ी व्यक्ति ने ही जारी किया था।”
वेंस ने ईरान से आग्रह किया कि वह युद्धविराम समझौते को टूटने न दे
वहीं, वेंस ने बुधवार को ईरान से आग्रह किया कि वह लेबनान पर इजरायल के हमलों के कारण नाजुक युद्धविराम समझौते को टूटने न दे। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, जब ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि लेबनान में युद्धविराम मध्य पूर्व युद्ध को समाप्त करने की एक प्रमुख शर्त है, तो वेंस ने कहा कि उनका मानना है कि कोई गलतफहमी हुई थी। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि ईरानियों ने सोचा था कि युद्धविराम में लेबनान भी शामिल है जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं था। हमने कभी ऐसा वादा नहीं किया था।”
इस्लामाबाद में होगी ईरान-अमेरिका के बीच वार्ता
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका और ईरान, दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों को 10 अप्रैल को इस्लामाबाद आमंत्रित किया है ताकि विवादों के समाधान के लिए आगे की बातचीत की जा सके। पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रजा अमीरी मोघदम ने ‘एक्स’ पर कहा, “इजरायल की सरकार द्वारा बार-बार युद्ध-विराम उल्लंघन और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की ओर से आमंत्रित कूटनीतिक पहल को विफल करने के प्रयासों के बावजूद, ईरानी प्रतिनिधिमंडल आज रात इस्लामाबाद पहुंच रहा है और ईरान के 10 बिंदुओं के प्रस्ताव के आधार पर गंभीर वार्ता करेगा।”
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के भी इस्लामाबाद पहुंचने की संभावना है, हालांकि उनके आगमन का समय घोषित नहीं किया गया है। वार्ता के लिए केवल शुक्रवार का दिन निर्धारित किया गया है। उप राष्ट्रपति जेडी वेंस अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।
सीजफायर के लिए ईरान की 10 शर्तों में क्या है?
ईरान ने भी इस युद्ध को समाप्त करने के लिए 10 शर्तें रखी हैं। जिनमें होमुर्ज पर ईरान का नियंत्रण बना रहेगा, ईरान को यूरेनियम संवर्धन करने का अधिकार मिलेगा, अमेरिका ईरान पर लगे सभी प्रतिबंध हटाए, यूएन ईरान के खिलाफ अपने प्रस्ताव वापस ले, सभी द्वितीयक प्रतिबंधों से ईरान को मुक्त किया जाए, युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई हो, अमेरिका अपने सभी सैनिक इस क्षेत्र से हटाए, लेबनान और दूसरे मोर्चों पर तुरंत हमले रोके जाएं जैसी शर्तें शामिल हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार को ईरान द्वारा प्रस्तावित दो सप्ताह के युद्धविराम समझौते पर सहमति जताई थी। तेहरान ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान द्वारा सुझाए गए 10 सूत्री प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है और युद्ध के कारण हुए नुकसान की भरपाई करने पर भी सहमति दी है।
ईरान के ऐतराज के बावजूद भी इजरायल लेबनान पर बमबारी क्यों नहीं रोकेगा?
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद पश्चिम एशिया में हालात फिर भड़क उठे। इजरायल ने लेबनान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला कर यह साफ संकेत दे दिया कि वह इस समझौते को पूरी तरह मानने के मूड में नहीं है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
