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कृषि कानूनों के समर्थन में USA में कार रैली, लगे ‘भारत माता की जय’ के नारे

लोग इस दौरान गाड़ियों की खिड़कियों और सनरूफ से कृषि कानूनों के समर्थन वाले बैनर पोस्टर भी लहराते नजर आए। कुछ ने तो इस दौरान तिरंगे के साथ भारत माता की जय के नारे भी लगाए।

Author Edited By अभिषेक गुप्ता सैनफ्रांसिस्सको/नई दिल्ली/मेरठ | Updated: February 22, 2021 11:22 AM
Farm Laws, Car Rally, USAअमेरिका के सैनफ्रांसिस्को में कृषि कानून के समर्थन में कार रैली निकालते लोग। (फोटोः ANI)

नरेंद्र मोदी सरकार के लाए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ भारत में जहां किसानों का एक बड़ा धड़ा विरोध में खड़ा और आंदोलन पर अड़ा है। वहीं, दूसरी ओर एक पक्ष इन कानूनों को लाभकारी बता रहा है। इसी बीच, सोमवार को अमेरिका में भी इन कानूनों के समर्थन में एक कार रैली निकाली गई।

समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, “सैनफ्रांसिस्को बे एरिया के एनआरआई (भारत में न रहने वाले भारतीय) लोगों ने 21 फरवरी को एक कार रैली का आयोजन किया। यह कार्यक्रम केंद्र के लाए कृषि कानूनों के समर्थन में किया गया था।” लोग इस दौरान गाड़ियों की खिड़कियों और सनरूफ से कृषि कानूनों के समर्थन वाले बैनर पोस्टर भी लहराते नजर आए। कुछ ने तो इस दौरान तिरंगे के साथ भारत माता की जय के नारे भी लगाए।

केंद्रीय राज्यमंत्री का विरोध, लोग बोले- पहले कानून वापसी, फिर आनाः केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन के बीच किसानों और खाप चौधरियों से बातचीत करने गए केंद्रीय राज्यमंत्री संजीव बालियान और भाजपा के अन्य नेताओं को शामली जिले में रविवार को किसानों की खासी नाराजगी झेलनी पड़ी। भैंसवाल गांव में खाप चौधरियों ने भाजपा प्रतिनिधि मंडल में शामिल केन्द्रीय मंत्री संजीव बालियान, पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह समेत कई भाजपा नेताओं से मिलने तक से इनकार कर दिया। किसानों से बातचीत करने जा रहे भाजपा नेताओं का ग्रामीणों ने ट्रैक्टर लगाकार कई जगह काफिला रोक दिया और भाजपा और मंत्रियों के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए।

समर्थन जुटाने जल्द गुजरात जाऊंगा- टिकैतः किसान नेता राकेश टिकैत ने रविवार को कहा कि वह केंद्र के विवादित कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के लिए समर्थन मांगने के वास्ते जल्द गुजरात का दौरा करेंगे। टिकैत ने यह टिप्पणी दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा पर गाज़ीपुर में गुजरात और महाराष्ट्र के किसानों के एक समूह से मुलाकात के दौरान की। उन्होंने यह भी दावा किया कि किसान अंततः अपनी कृषि उपज का कोई हिस्सा नहीं ले पाएंगे क्योंकि नए कानून केवल कॉरपोरेट का पक्ष लेंगे। बता दें कि टिकैत गाज़ीपुर बॉर्डर पर नवंबर से डेरा डाले हुए हैं।

तोमर बोले- भीड़ जुटाने से कानून नहीं बदलतेः केन्द्र सरकार के तीन नये कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमा पर लंबे समय से चल रहे किसान आंदोलन के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने रविवार को कहा कि भीड़ एकत्र करने से कानून नहीं बदलते। उन्होंने कहा कि किसान यूनियन बताएं कि इन कानूनों में किसानों के खिलाफ क्या है और सरकार उसमें संशोधन करने को तैयार है। केन्द्र सरकार ने संवेदनशीलता के साथ किसान संगठनों से 12 दौर की बातचीत की है, लेकिन बातचीत का निर्णय तब होता है, जब आपत्ति बताई जाए। (भाषा इनपुट्स के साथ)

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