Iran-USA Peace Talks: अमेरिका और ईरान का प्रतिनिधिमंडल शांति समझौते पर बातचीत के लिए पाकिस्तान के इस्लामाबाद पहुंचा है। बातचीत से पहले ईरान के एक सूत्र ने दावा किया कि कतर और अन्य देशों में फ्रीज किया गया ईरान का फंड रिलीज करने के लिए अमेरिका तैयार हो गया है। उन्होंने होर्मुज जलमार्ग खोलने के मामले में होने वाली बातचीत के लिहाज से इसे अहम पहलू बताया। हालांकि, व्हाइट हाउस की तरफ से कहा गया है कि फंड रिलीज करने के मुद्दे पर किसी तरह की बातचीत नहीं हुई है।
दरअसल, अंतर्राष्ट्रीय न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने ईरानी सूत्र के हवाले से कहा कि ईरानी संपत्तियों को मुक्त करना सीधे तौर पर होर्मुज जलमार्ग को खोलने की बातचीत में अहम पहलू हो सकता है क्योंकि वर्तमान स्थिति में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का मुख्य मुद्दा यही है कि ईरान जल्द से जल्द होर्मुज जलमार्ग को खोले, जिससे ऊर्जा संबंधित आपूर्ति सुचारू रूप से हो सके।
ईरान बोला- इस फैसले का स्वागत हो
ईरानी सूत्र ने शनिवार को कहा कि ईरानी फंड रिलीज करने के मुद्दे पर सहमति का संकेत यह बताता है कि अमेरिका और ईरान दोनों के बीच शांति वार्ता गंभीरता तक पहुंच गई है और इसका स्वागत किया जाना चाहिए। हालांकि, ईरानी सूत्र ने यह नहीं बताया है कि ईरान का फ्रीज पफड कितना है।
दूसरी ओर एक अन्य ईरानी सूत्र ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका कतर द्वारा रोके गए $6 बिलियन के ईरानी फंड को जारी करने पर सहमत हो गया है। संपत्तियों पर रोक हटाने के बारे में संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर से कोई तत्काल बयान नहीं आया। दूसरी ओर जब इस मुद्दे पर कतर के विदेश मंत्रालय से टिप्पणी करने को कहा गया तो उन्होंने भी कोई जवाब नहीं दिया।
8 साल से पहले फ्रीज हुआ था ईरानी फंड
बता दें कि अमेरिका ने विदेशों में जमा ईरान की 8 बिलियन डॉलर की राशि 8 साल पहले बंद कर दी थी। अमेरिकी-ईरानी कैदियों की अदला-बदली के हिस्से के रूप में 2023 में रिहाई के कारण इसके फंड के रिलीज होने की संभावना बनी थी, लेकिन ईरान के सहयोगी फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह हमास द्वारा इज़राइल पर 7 अक्टूबर, 2023 के हमलों के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन ने ईरानी फंड को फिर से फ्रीज कर दिया था।
अमेरिकी अधिकारियों ने उस समय कहा था कि ईरान निकट भविष्य में धन का उपयोग नहीं कर पाएगा, इस बात पर जोर देते हुए कि वाशिंगटन ने खाते को पूरी तरह से फ्रीज करने का अधिकार बरकरार रखा है। यह धनराशि दक्षिण कोरिया को ईरानी तेल की बिक्री से आती है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा 2018 में व्हाइट हाउस में अपने पहले कार्यकाल के दौरान ईरान पर फिर से प्रतिबंध लगाने और विश्व शक्तियों और तेहरान के बीच परमाणु कार्यक्रम पर एक समझौते को रद्द करने के बाद दक्षिण कोरियाई बैंकों में अवरुद्ध कर दिया गया था।
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अमेरिकी और ईरानी नेतृत्व के बीच इस्लामाबाद में बैठक होने वाली है। ये डील युद्ध खत्म करने के लिए हो रही है। अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान के युद्ध में हजारों लोगों की मौत हुई और ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में भी रुकावट आई है। दोनों पक्षों में कुछ खास चीजों पर चर्चा करने की उम्मीद है। ईरान का कहना है कि औपचारिक बातचीत तभी शुरू हो सकती है जब अमेरिकी, लेबनान में सीज़फ़ायर पर वादा करे और ईरान पर लगे बैन हटाए। पढ़िए पूरी खबर…
