अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के साथ डिनर में भाग लिया। ईरान संघर्ष में जापान की भूमिका को लेकर वाशिंगटन में जताई गई चिंताओं के बाद, जापानी प्रधानमंत्री ने ट्रंप से कहा कि वैश्विक सुरक्षा की स्थिति बहुत गंभीर है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति से कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि केवल आप ही हैं जो पूरी दुनिया में शांति स्थापित कर सकते हैं।

एपी की रिपोर्ट के अनुसार, ताकाइची ने अमेरिका के राष्ट्रपति से कहा कि जापान, ईरान के परमाणु कार्यक्रम के विकास का विरोध करता है। अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यालय ओवल ऑफिस में बंद कमरे में बैठक से पहले प्रधानमंत्री के साथ करीब 30 मिनट की सार्वजनिक मौजूदगी के दौरान दोनों नेताओं ने मीडिया के सवालों का जवाब भी दिया। जब ट्रंप से पूछा गया कि ईरान पर हमलों से पहले अमेरिका ने जापान जैसे सहयोगियों को इसकी सूचना क्यों नहीं दी तो उन्होंने 1941 में पर्ल हार्बर पर जापान के हमले का जिक्र करते हुए अजीबोगरीब टिप्पणी की।

ट्रंप ने जापानी प्रधानमंत्री के सम्मान में डिनर का आयोजन किया

ट्रंप ने मजाक में कहा, ”हमने इसके बारे में किसी को नहीं बताया क्योंकि हम चौंकाना चाहते थे। चौंकाने के बारे में जापान से बेहतर कौन जानता है? आपने मुझे पर्ल हार्बर के बारे में क्यों नहीं बताया?” ट्रंप ने जापानी प्रधानमंत्री के सम्मान में अपने कार्यालय में डिनर का आयोजन किया। ट्रंप ने कहा, ”आप एक शानदार महिला हैं और व्हाइट हाउस में आपका स्वागत करना मेरे लिए सम्मान की बात है।” ताकाइची ने दोनों नेताओं को सबसे अच्छे दोस्त बताया और कहा कि जापान वापस आ गया है।

ट्रंप बोले- ईरान युद्ध में अमेरिका के लिए जापान के समर्थन पर चर्चा करेंगे

ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि वह ताकाइची के साथ अपनी बैठक में ईरान युद्ध में अमेरिका के लिए जापान के समर्थन पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि वे वास्तव में आगे आ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने बाद में कहा कि जापान जिस तेल पर निर्भर करता है उसका बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। ऐसे में उनके आगे आने की यह एक बड़ी वजह है।” उन्होंने जापान में अमेरिका के खर्च और वहां तैनात सैनिकों की संख्या का भी जिक्र किया।

ट्रंप ने कहा, ”मुझे उम्मीद है कि जापान आगे आएगा क्योंकि हमारे बीच इस तरह का रिश्ता है।” ट्रंप से मुलाकात के बाद ताकाइची ने पत्रकारों से कहा कि दोनों इस बात पर सहमत हुए हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना सर्वोच्च महत्व का विषय है लेकिन उन्होंने ट्रंप को विस्तार से बताया कि जापान अपने कानून के तहत क्या कर सकता है और क्या नहीं कर सकता।

ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य पर कमर्शियल नौकाओं पर हमले बंद करने की मांग

इससे पहले बृहस्पतिवार को पांच यूरोपीय देशों और जापान के नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी कर ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य पर कमर्शियल नौकाओं को रोकने वाले हमले बंद करने की मांग की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वे यह सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त प्रयासों में योगदान देने को तैयार हैं कि पोत इस जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजर सकें। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि इस बयान का क्या अर्थ है।

इससे पहले, ट्रंप ने इस सप्ताह कई बार शिकायत की थी कि जापान सहित अमेरिकी सहयोगी होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा में मदद करने के उनके अनुरोध पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। बाद में उन्होंने कहा कि इस मदद की जरूरत नहीं है लेकिन यह संकेत भी दिया कि वह अब भी मदद की अपेक्षा रखते हैं।

तेल टैंकर पर हमले से बचकर लौटे भारतीय 

ओमान के खासब बंदरगाह के पास तेल टैंकर स्काई लाइट पर 1 मार्च को हुए मिसाइल हमले में जीवित बचे आठ भारतीय नाविक 18 मार्च को मुंबई लौटे। देश वापसी के बाद अब उन्हें दस्तावेज़ीकरण, मुआवजे और घर वापसी की यात्रा को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। चालक दल के सदस्यों ने बताया कि हमले के बाद जहाज में लगी आग में उन्होंने पासपोर्ट, पहचान पत्र, फोन, कीमती वस्तुएं और नकदी सहित अपना सारा सामान खो दिया। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें