अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ दो हफ्तों के सीजफायर की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस दौरान दोनों देशों के बीच अस्थायी युद्धविराम रहेगा। हालांकि इसके साथ एक अहम शर्त भी रखी गई है कि ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत और सुरक्षित तरीके से खोलना होगा ताकि वहां से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही सामान्य हो सके। ईरान ने भी इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाया है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने कहा कि अगर ईरान पर कोई हमला नहीं होता है तो उनकी सेना भी अपनी कार्रवाई रोक देगी। वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा युद्धविराम की घोषणा के बाद प्रदर्शनकारी व्हाइट हाउस के बाहर जमा हो गए।

इस दौरान इकट्ठा एक प्रदर्शनकारी मॉर्गन टेलर ने मीडिया से कहा, “हम आज रात यहां इसलिए आए हैं क्योंकि हम जो हो रहा है उसे बर्दाश्त नहीं कर सकते। हम चुनाव तक इंतजार नहीं कर सकते। इस देश में जो हो रहा है उसे अभी रोकना होगा। यह क्रूरता जो न केवल इस देश में बल्कि दुनिया भर में हो रही है। इस राष्ट्रपति ने व्हाइट हाउस से जो युद्ध अपराध किए हैं, इस आदमी को जाना ही होगा, पूरे शासन को जाना होगा। जब तक वह चला नहीं जाता, हमें हर दिन इन सड़कों पर उतरना होगा। हर दिन लोग मर रहे हैं। हर दिन, दुनिया भर में और अधिक लोग उसके कारण पीड़ित हो रहे हैं।”

एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा, “मैं किसी भी विदेशी सैन्य कार्रवाई का कड़ा विरोध करती हूं जिसमें इतने सारे नागरिकों की जान जाती है। मेरा मानना ​​है कि अमेरिकी सेना को बिना किसी कारण के, लापरवाही से ईरान पर बमबारी नहीं करनी चाहिए जिससे इस क्षेत्र के सभी देशों को नुकसान पहुंचे। मुझे लगता है कि कुल मिलाकर यह एक घोर अन्याय है और हमें इसे जल्द से जल्द समाप्त करने की जरूरत है।”

युद्धविराम की घोषणा पर क्या बोले पूर्व अमेरिकी ट्रेजरी

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा युद्धविराम की घोषणा पर, फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज (FDD) के कार्यकारी निदेशक और पूर्व अमेरिकी ट्रेजरी, आतंकवाद-विरोधी विश्लेषक, जोनाथन शेंजर ने कहा, “मुझे लगता है कि सबसे पहले हमें यह समझना होगा कि यह समझौता पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुआ था। यह एक बहुत ही असामान्य घटना है। एक ऐसा देश जो पारंपरिक रूप से आतंकवाद का प्रायोजक और अवैध परमाणु प्रसारक रहा है, उसने अब संयुक्त राज्य अमेरिका और आतंकवाद के प्रायोजक और अवैध परमाणु प्रसारक देश के बीच युद्ध को रोकने के लिए हस्तक्षेप किया है। पाकिस्तान के ऐसा करने के कारण मुझे पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हैं।”

विश्लेषक ने आगे कहा, “मुझे लगता है कि इसकी शर्तें अभी भी कुछ हद तक अस्पष्ट हैं क्योंकि अमेरिका जो कह रहा है वह ईरानियों के बयानों से काफी अलग है। ईरानी इसे संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर से पूर्ण आत्मसमर्पण के रूप में पेश कर रहे हैं। वे कह रहे हैं कि अमेरिका प्रतिबंधों को समाप्त करने, क्षेत्र छोड़ने और हर्जाना देने पर सहमत हो गया है। यह सब अमेरिकी पक्ष से अवास्तविक लगता है। वे कह रहे हैं कि अगर आप होर्मुज जलडमरूमध्य खोलते हैं तो हम दो सप्ताह के लिए गोलीबारी बंद कर देंगे। क्या इस्लामी गणराज्य मुक्त प्रवाह की अनुमति देता है? हमारे पास संभावित रूप से दो सप्ताह का युद्धविराम है और उस दौरान एक स्थायी समाधान निकालना होगा। मुझे लगता है कि उस अवधि के दौरान, विशेष रूप से इन शुरुआती घंटों और दिनों में अभी भी बहुत कुछ गलत हो सकता है।”

अमेरिका-ईरान के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा फैसला लेते हुए ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को फिलहाल दो हफ्तों के लिए टाल दिया है। उन्होंने कहा कि इस दौरान दोनों देशों के बीच अस्थायी युद्धविराम रहेगा, यानी न अमेरिका हमला करेगा और न ही ईरान कोई आक्रामक कदम उठाएगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें