अमेरिका ने ईरान पर दिन में हवाई हमले शुरू किए हैं। अमेरिकी सेना ने बुधवार को कहा कि उसने दिन के समय ईरान को निशाना बनाकर हवाई हमलों का नया दौर शुरू किया है। अमेरिकी सेना की मध्य कमान ने ऑनलाइन जारी एक बयान में इन हमलों की पुष्टि की। हाल के दिनों में अमेरिका ने ईरान पर केवल रात के समय हमले किए थे।

अमेरिकी सेना की मध्य कमान ने कहा, ”इन हमलों का उद्देश्य उन सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करना है जिनका इस्तेमाल ईरानी बलों ने होर्मुज जलमार्ग में वाणिज्यिक जहाजों पर हमले करने के लिए किया है।” ये हमले ऐसे समय में किए गए हैं जब ईरान और अमेरिका के बीच हुआ अंतरिम समझौता लगभग निष्प्रभावी हो चुका है।

ईरानी रक्षा और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया

अमेरिकी सेना के केंद्रीय कमान ने बुधवार को कहा कि उसने होर्मुज जलमार्ग में स्थित ग्रेटर टुनब द्वीप पर हवाई हमले किए, जिसमें ईरानी रक्षा और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया गया। केंद्रीय कमान ने कहा, “उसने द्वीप को निशाना बनाकर 90 मिनट का हमला किया। इन हमलों से होर्मुज जलमार्ग में वाणिज्यिक जहाजों पर हमला करने की ईरान की क्षमता और कम हो गई है।”

अमेरिकी सेना ने ईरान पर नौसैनिक नाकेबंदी बुधवार तड़के फिर से लागू कर दी और उसके खिलाफ हवाई हमले तेज कर दिए। ईरानी अधिकारियों ने बताया कि एक सैन्य बैरक पर हुए अमेरिकी हमले में ईरान के कम से कम सात सैनिक मारे गए जबकि देशभर में 260 लोग घायल हुए हैं। ईरान सरकार की प्रवक्ता फातिमा मोहाजेरानी ने कोई विस्तृत जानकारी दिए बिना कहा कि हाल के दिनों में 30 से अधिक लोग मारे गए हैं। इनमें से सात लोगों की मौत ईरान के दक्षिण-पूर्वी सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत में सैन्य बैरक पर हुए हमले में हुई।

अमेरिका ने ईरान पर सात घंटे तक हमले किए

वहीं, ‘यूएस सेंट्रल कमान’ ने बुधवार को कहा कि नाकेबंदी फिर लागू करते हुए अमेरिका ने सात घंटे तक हमले किए और ईरान के कई स्थानों को निशाना बनाया। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन करमानपुर ने बुधवार को बताया कि इन हमलों में 260 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि कितने लोग मारे गए।

ईरान के सरकारी टेलीविजन ने बताया कि एक हमले में सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत के बामपुर में स्थित ‘388वीं मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री ब्रिगेड’ के बैरक को निशाना बनाया गया। खबर के अनुसार, अमेरिका ने हमले के दौरान कम से कम 13 मिसाइलें दागीं। सरकारी टेलीविजन के अनुसार, ईरान की सेना ने कहा कि वह अमेरिकी दुश्मन की इस आक्रामक कार्रवाई का माकूल जवाब देगी।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज जलमार्ग से होकर गुजरने वाले माल पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाने की अपनी योजना से एक दिन बाद ही पीछे हट गए। उन्होंने कहा कि इसके बजाय पश्चिम एशियाई देश अमेरिका के साथ निवेश और व्यापार समझौते करेंगे। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें

(इनपुट- एपी)