अमेरिका के राष्ट्रपति ने ईरान के साथ दो हफ्तों के युद्धविराम की घोषणा की है। डोनाल्ड ट्रंप ने खुद की निर्धारित की हुई समय-सीमा खत्म होने से पहले घोषणा की कि अमेरिका ने पाकिस्तान के प्रस्ताव पर ईरान के साथ दो सप्ताह के संघर्षविराम पर सहमति जताई है। ट्रंप ने मंगलवार शाम (अमेरिकी समयानुसार) ट्रुथ सोशल पर यह घोषणा की। इसके साथ ही ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान को बातचीत की मेज पर लाने में चीन ने पर्दे के पीछे से भूमिका निभाई होगी।

जब उनसे पूछा गया कि क्या बीजिंग ने ईरान को प्रभावित किया है तो ट्रंप ने जवाब दिया, “मुझे लगता है कि हां।” इससे पहले ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में युद्धविराम के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर को भी श्रेय दिया। डोनाल्ड ट्रंप ने पोस्ट किया, “पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ हुई बातचीत के आधार पर और इस शर्त पर कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित रूप से खोलने पर सहमत हो जाए, मैं दो सप्ताह की अवधि के लिए ईरान पर बमबारी और हमले को फिलहाल रोकने पर सहमत हूं। यह दोतरफा युद्धविराम होगा।”

शहबाज शरीफ ने दोनों देशों के प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए पाकिस्तान आने का न्योता दिया

वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्थिति को और बेहतर बनाने के लिए दोनों देशों के प्रतिनिधियों को कूटनीतिक वार्ता के लिए पाकिस्तान आने का न्योता दिया। शहबाज शरीफ ने अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडलों को 10 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद आने का निमंत्रण दिया ताकि सभी विवादों के समाधान के लिए आगे बातचीत की जा सके।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि आमने-सामने बातचीत को लेकर चर्चा जारी है लेकिन जब तक राष्ट्रपति या व्हाइट हाउस आधिकारिक घोषणा नहीं करते, तब तक कुछ भी तय नहीं है। तेहरान में, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा कि उसने दो सप्ताह के संघर्षविराम को स्वीकार कर लिया है और वह शुक्रवार से इस्लामाबाद में अमेरिका से बातचीत करेगा।

संघर्षविराम के लिए ईरान की 10 शर्तें

ईरान द्वारा जारी 10 सूत्री संघर्षविराम योजना में उसके परमाणु कार्यक्रम के लिए संवर्धन की स्वीकृति का जिक्र किया गया है। एक क्षेत्रीय अधिकारी के अनुसार, इस योजना के तहत ईरान और ओमान दोनों को जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क लेने की अनुमति होगी। अधिकारी ने कहा कि ईरान इस धन का उपयोग पुनर्निर्माण के लिए करेगा। संघर्षविराम के बदले ईरान की मांगों में क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की वापसी, प्रतिबंधों को हटाना और उसकी संपत्तियों पर लगी रोक हटाना है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार, इजरायल भी संघर्षविराम के लिए सहमत हो गया है।

इससे पहले ईरान के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार चीन ने ईरान के नेताओं से बातचीत करके उन्हें अमेरिका से युद्धविराम का रास्ता तलाशने के लिए राजी करने की कोशिश की थी। दो अधिकारियों ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर एपी से कहा कि बातचीत के दौरान चीनी अधिकारी ईरानी अधिकारियों के संपर्क में थे। एक अधिकारी ने कहा कि चीन अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है और वह मुख्य रूप से पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र समेत मध्यस्थों के साथ काम कर रहा है।

सीजफायर के बीच तेहरान में भारतीय दूतावास ने जारी की एडवाइजरी

तेहरान में भारतीय दूतावास ने बुधवार को एक नई एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों से जल्द से जल्द देश छोड़ने को कहा गया है। बेहतर कॉर्डिनेशन और आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें

(एपी के इनपुट के साथ)