इजरायल ने पिछले हफ्ते ईरान के तेल डिपो पर हमला किया था। इसकी वजह से भीषण आग लगी और चार लोगों की मौत हो गई। एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले से इजरायल और उसके सहयोगी अमेरिका के बीच मतभेद पैदा हो गए हैं। एक्सियोस ने बताया कि तेल अवीव ने वाशिंगटन को हमलों की जानकारी दी थी। इजरायल ने दावा किया था कि इन सुविधाओं का इस्तेमाल मिसाइल लॉन्च के लिए फ्यूल के तौर पर किया जा रहा था। लेकिन हमले अमेरिका की अपेक्षा से बहुत ज्यादा व्यापक थे।
मीडिया रिपोर्ट में एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि अमेरिकी सेना हमलों की व्यापकता से हैरान थी और उसने कहा, ‘हमें नहीं लगता कि यह एक अच्छा विचार था।’ एक इजरायली अधिकारी ने कहा कि वाशिंगटन से आया मैसेज ‘WTF’ जैसा था। अभी तक न तो व्हाइट हाउस और न ही आईडीएफ ने इस पर कोई टिप्पणी की है।
इजरायली सेना ने ईरान की राजधानी तेहरान और उसके आसपास के इलाकों में तीन तेल डिपो और एक रिफाइनरी पर हमला किया। इससे शहर में प्रलय जैसे दृश्य देखने को मिले। तस्वीरों में आग प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से फैलती हुई दिखाई दे रही थी और जहरीले धुएं के घने काले बादल अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को ढक रहे थे।
तेल रिसने से लगी आग
एक डिपो से तेल रिसने के कारण आग लग गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़कों पर आग की लपटें दौड़ रही थीं। इजरायल के हमलों का मानवीय और पर्यावरणीय नुकसान सिर्फ एक पहलू है। इसका दूसरा पहलू आर्थिक है। इजरायल के हमले के एक दिन बाद तेल की कीमतों में तेजी से उछाल आया और लगभग चार सालों में पहली बार 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल की सीमा को पार कर गईं।
सोमवार को शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज में कारोबार फिर से शुरू होने के बाद इंटरनेशनल स्टैंडर्ड ब्रेंट क्रूड का एक बैरल 107.97 अमेरिकी डॉलर पर था, यह शुक्रवार के 92.69 अमेरिकी डॉलर के बंद भाव से 16.5 प्रतिशत ज्यादा था। वहीं, अमेरिका में प्रोड्यूसड हल्का क्रूड वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 106.22 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर बिक रहा था। इजरायल के हमले को लेकर अमेरिका की चिंता संभावित रणनीतिक चूक से उपजी है।
तेल और तेल डिपो पर हमले ईरानी नागरिकों को अमेरिका और इजरायल के खिलाफ एकजुट होने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। इतना ही महत्वपूर्ण यह भी है कि इससे तेल की कीमतों में और भी बढ़ोतरी हो सकती है। ट्रंप के एक सलाहकार ने एक्सियोस को बताया, “राष्ट्रपति को यह हमला पसंद नहीं है। वह तेल बचाना चाहते हैं। वह इसे जलाना नहीं चाहते और यह लोगों को पेट्रोल की बढ़ती कीमतों की याद दिलाता है।”
ईरान ने दी चेतावनी
ईरान ने चेतावनी दी है कि तेल के बुनियादी ढांचे पर और हमले होने पर ईरान भी इसी तरह की प्रतिक्रिया देगा। ईरान की सेना के प्रवक्ता ने कहा कि तेहरान ने अभी तक इस तरह के हमले नहीं किए हैं, लेकिन हालात बदल सकते हैं और इससे तेल की कीमतें 200 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा
सोमवार सुबह बाजार में सबसे बड़ी खबर कच्चे तेल की कीमतों को लेकर आई। क्रूड ऑयल की कीमतों में लगभग 20% की जोरदार बढ़ोतरी हुई और यह 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया। इस बड़ी तेजी के कारण तेल खोजने वाली कंपनियों, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों और इस क्षेत्र से जुड़ी अन्य कंपनियों के शेयर निवेशकों के फोकस में आ गए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
