ताज़ा खबर
 

भारत-चीन के बीच स्वस्थ संबंध देखना चाहता है अमेरिका

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा, 'भारत और चीन दोनों ‘बहुत मजबूत, उभरती अर्थव्यवस्थाएं’ हैं। हम दोनों के बीच स्वस्थ द्विपक्षीय संबंध देखना चाहेंगे।'

Author वॉशिंगटन | June 24, 2016 12:53 PM
गुरुवार (23 जून, 2016) को शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन के शिखर सम्मेलन से इतर मुलाकात करते भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग। (PTI Photo)

भारत के एनएसजी सदस्यता प्रयास में चीन के रोड़ा अटकाने के बीच एक शीर्ष अमेरिकी अधिकारी ने कहा है कि अमेरिका इन दोनों देशों के बीच ‘स्वस्थ संबंध’ देखना चाहेगा जो महत्वपूर्ण प्रभाव वाली अत्यंत मजबूत और उभरती अर्थव्यवस्थाएं हैं । अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने गुरुवार (23 जून) को अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘हम भारत और चीन के बीच स्वस्थ द्विपक्षीय संबंध देखना चाहेंगे। हम उनको काम करते देखना चाहेंगे चाहे वे कोई भी मतभेद रखते हों।’

किर्बी भारत के एनएसजी सदस्यता मुद्दे पर चीन के विरोध के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा, ‘चीन के साथ हमारे मतभेद हैं और हम उनके जरिए काम करने की कोशिश के लिए वार्ता के वास्ते मजबूत माध्यम रखते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि हमें हर चीज पर सहमत होना है, लेकिन हम स्वस्थ चर्चा के लिए माध्यम और मार्ग रखते हैं ।’ उन्होंने कहा कि भारत और चीन दोनों ‘बहुत मजबूत, उभरती अर्थव्यवस्थाएं’ हैं। दोनों ही देशों में बड़ी आबादी रहती है और वे क्षेत्रीय स्तर पर ही नहीं, वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव रखते हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App