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अमेरिका का वीज़ा पाना हुआ और मुश्किल, देनी होगी सोशल मीडिया अकाउंट की डिटेल

अमेरिका के इस नए नियम से हर साल अमेरिका का वीजा अप्लाई करने वाले करीब 15 मिलियन विदेशी लोग प्रभावित होंगे। नया नियम इमीग्रेंट और नॉन-इमीग्रेंट दोनों प्रकार के वीजा पर लागू होगा।

नए नियम के मुताबिक अमेरिका जाने वाले लोगों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की पिछले 5 सालों की भी जानकारी अमेरिकी प्रशासन को देनी होगी।(Image source -Reauters/jonathan eranst)

अमेरिका जाने की तमन्ना रखने वाले लोगों की मुश्किलें ट्रंप प्रशासन लगातार बढ़ा रहा है। अब एक नए नियम के मुताबिक अमेरिका जाने वाले लोगों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की पिछले 5 सालों की भी जानकारी अमेरिकी प्रशासन को देनी होगी। अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट ने इस नए नियम को लेकर लोगों के सुझाव मांगे हैं। बता दें कि अमेरिका के इस नए नियम से हर साल अमेरिका का वीजा अप्लाई करने वाले करीब 15 मिलियन विदेशी लोग प्रभावित होंगे। नया नियम इमीग्रेंट और नॉन-इमीग्रेंट दोनों प्रकार के वीजा पर लागू होगा। इस नियम के मुताबिक अमेरिका का वीजा अप्लाई करने वाले लोगों को सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम आदि के पिछले 5 सालों के यूजरनेम, ईमेल एड्रेस और फोन नंबर जैसी जानकारियां देनी होंगी।

बता दें कि इससे पहले भी लोगों से सोशल मीडिया संबंधी जानकारी ली जाती थी, लेकिन यह सिर्फ उन्हीं लोगों से ली जाती थी, जो कि आतंक से प्रभावित इलाकों से अमेरिका आते थे। इस सूची में पहले करीब 65000 लोग शामिल थे। लेकिन नए नियम लागू हो जाने के बाद अमेरिका आने वाले सभी लोगों को अपने सोशल मीडिया की जानकारी देना अनिवार्य हो जाएगा। अमेरिका आने वाले छात्र और बिजनेसमैन भी इस नए नियम से प्रभावित होंगे। नए नियम की सारी जानकारी अमेरिका के फेडरल रजिस्टर की वेबसाइट पर उपलब्ध है। वहीं इस नियम पर लोगों को राय देने के लिए 60 दिनों का समय दिया गया है।

नियमों के मुताबिक अमेरिका का वीजा अप्लाई करने वाले लोगों को पिछले 5 सालों की अपने सोशल मीडिया की हिस्ट्री, टेलीफोन नंबर्स, ई-मेल एड्रेस, इंटरनेशनल ट्रैवल और डिपॉर्टेशन का स्टेटस बताना होगा। आवेदनकर्ता को यह भी बताना होगा कि उसके किसी परिजन या फिर रिश्तेदार का किसी आतंकी संगठन या घटना से संबंध तो नहीं है? साथ ही अब वीजा अप्लाई करने वाले लोगों को अपने पिछले 15 सालों की जानकारी जैसे नौकरी, रेजीडेंस, पर्सनल हिस्ट्री आदि अमेरिकी सरकार को देनी होगी। गौरतलब है कि पहले यह जानकारी पिछले 5 सालों की ही देनी पड़ती थी। सिर्फ राजनयिक और अधिकारिक वीजा को ही इस नियम से छूट दी जाएगी। फिलहाल इस नियम को अभी अमेरिका के ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट एंड बजट विभाग की मंजूरी की दरकार है।

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