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भारत-पाक याराना का अमेरिका दीवाना

अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अचानक की गई पाकिस्तान की यात्रा का स्वागत करते हुए कहा है कि दोनों पड़ोसियों के बीच रिश्ते सुधरने से पूरे क्षेत्र को लाभ होगा...

Author वाशिंगटन | Updated: December 27, 2015 2:08 AM
लाहौर हवाई अड्डे पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अपने भारतीय समकक्ष नरेंद्र मोदी का स्वागत किया।

अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अचानक की गई पाकिस्तान की यात्रा का स्वागत करते हुए कहा है कि दोनों पड़ोसियों के बीच रिश्ते सुधरने से पूरे क्षेत्र को लाभ होगा। अमेरिका के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा, ‘हम प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री (नवाज) शरीफ के बीच 25 दिसंबर को हुई मुलाकात का स्वागत करते हैं। पड़ोसी देशों, भारत और पाकिस्तान के बीच बेहतर रिश्तों से पूरे क्षेत्र के लोगों को लाभ होगा’। किर्बी मोदी के लाहौर के दौरे से जुड़े सवाल का जवाब दे रहे थे। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की-मून ने भी दोनों नेताओं के बीच हुई बैठक का स्वागत किया और यह उम्मीद जताई कि आगे बढ़ते हुए द्विपक्षीय वार्ताओं को बरकरार रखा जाएगा और इनमें मजबूती लाई जाएगी।

मोदी के पाक दौरे की अमेरिकी मीडिया में भी खूब चर्चा रही। अमेरिकी मीडिया ने यात्रा को भारत और पाकिस्तान के संबंधों के लिए अहम गतिविधि बताते हुए शनिवार को कहा कि इससे दोनों पड़ोसी देशों के बीच संभावित सुलह प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।

सीएनएन ने कहा, ‘भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पाकिस्तान की अचानक यात्रा की जो कि दोनों देशों के संबंधों में जमी बर्फ के पिघलने का अहम संकेत है’। वाशिंगटन पोस्ट ने कहा कि मोदी ने दोनों परमाणु सशस्त्र पड़ोसियों के बीच बदलते और अनिश्चित रिश्ते का रिसेट बटन दबाकर अगले महीने होने वाली आधिकारिक वार्ता का मार्ग प्रशस्त किया है। वाल स्ट्रीट जर्नल ने मोदी की अचानक हुई इस यात्रा को परमाणु सशस्त्र पड़ोसियों के बीच ‘संभावित सुलह प्रक्रिया को गति दे सकने वाला कदम’ बताया जबकि शिकागो ट्रिब्यून ने इस यात्रा को संबंधों में ‘आती गरमाहट का संभावित संकेत’ बताया। ‘द टाइम’ पत्रिका ने लिखा कि 26 मई 2014 को सत्ता में आने के बाद मोदी का यह सबसे आश्चर्यजनक कूटनीतिक कदम है।

लोकप्रिय नेशनल पब्लिक रेडियो ने कहा, ‘यह एक दशक में भारत के किसी राष्ट्राध्यक्ष की देश (पाकिस्तान) की पहली यात्रा है और यह दोनों पड़ोसी देशों के बीच संबंधों में सुधार का प्रतीक हो सकती है’। लास एंजिलिस टाइम्स ने कहा कि मोदी ने अपनी लाहौर यात्रा से ‘लंबे समय से तनावपूर्ण चल रहे सबंधों में नया जीवन फूंका है’। प्रधानमंत्री की अक्सर आलोचना करने वाले द न्यूयार्क टाइम्स ने मोदी के इस दौरे को ज्यादा महत्त्व नहीं देते हुए कहा कि भारतीय नेता अतीत में एक नीति से दूसरी नीति में खिसके हैं। उसने इसे ‘एक कूटनीतिक नृत्य’ करार दिया। शरीफ से मिलने का मोदी का फैसल ट्विटर पर भी छाया रहा। सभी बड़े अमेरिकी मीडिया घरानों ने ट्विटर और एसएमएस व ईमेल समेत अन्य माध्यमों के जरिए अपने पाठकों को दक्षिण एशिया की ब्रेकिंग न्यूज दी।

प्रधानमंत्री मोदी ने लाहौर की अपनी यात्रा के बारे में ट्विटर पर ही जानकारी दी थी। क्रिसमस होने के बावजूद थिंक टैंक के कई विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने सोशल मीडिया पर मोदी की लाहौर यात्रा के बारे में अपने विचार व्यक्त किए। एक शीर्ष अमेरिकी थिंक टैंक काउंसिल आॅन फॉरेन रिलेशंस के अध्यक्ष रिचर्ड एन हैस ने कहा, ‘अप्रत्याशित लेकिन स्वागत योग्य यात्रा’। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच ‘उच्च स्तर पर नियमित कूटनीति की आवश्यकता है’।

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