अमेरिका ने गुरुवार को अपने वीजा नियमों को सख्त कर दिया है। ट्रंप प्रशासन के इस बदलाव से विदेशी छात्र, विदेशी पत्रकार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए आने वाले लोग सबसे अधिक प्रभावित होंगे।
ट्रंप प्रशासन के मुताबिक, अब मौजूदा ओपन-एंडेड सिस्टम (बिना तय समय-सीमा वाला सिस्टम) की जगह तय समय-सीमा वाले वीजा लागू किए जाएंगे, जिससे अमेरिका में पढ़ाई, काम या रिपोर्टिंग करने के इच्छुक लोगों के लिए नई मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
कब होगा लागू?
होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) की ओर से जारी नए अंतिम नियम के तहत विदेशी छात्रों के लिए ‘F’ वीजा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए आने वालों के लिए ‘J’ वीजा और विदेशी पत्रकारों के लिए है ‘I’ वीजा पर रहने की एक निश्चित अवधि तय की गई है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, यह नियम फेडरल रजिस्टर में पब्लिश होने के 60 दिनों बाद लागू होगा, हालांकि अमेरिकी कांग्रेस अभी इसकी समीक्षा करेगी।
इन बदलावों का भारतीय छात्रों पर बड़ा असर पड़ सकता है, क्योंकि अमेरिका में सबसे बड़ा विदेशी छात्र समुदाय यही हैं। नये नियम के मुताबिक, अब चार साल से अधिक समय वाले कोर्स में पढ़ने वाले छात्रों को अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए ‘डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी’ से समय बढ़ाने की मंजूरी लेनी पड़ सकती है या देश छोड़कर दोबारा आना पड़ सकता है। नए नियमों के तहत अमेरिका में तैनात भारतीय पत्रकारों के वीजा की वैलिडिटी भी कम हो सकती है।
अभी, F और J वीजा वाले लोगों को आम तौर पर अपने कोर्स या मंजूर किए गए काम के समय तक अमेरिका में रहने की इजाजत होती है, जबकि पत्रकारों के लिए I वीजा कई सालों तक वैलिड रह सकता है।
नए नियम के तहत क्या बदलाव होंगे?
नए नियम के मुताबिक, छात्रों और आने-जाने वाले लोगों के लिए वीजा आम तौर पर अधिक से अधिक चार साल के लिए ही मान्य होंगे। साथ ही ‘I’ वीजा पर यात्रा करने वाले विदेशी पत्रकारों को 240 दिनों तक रहने की अनुमति होगी, हालांकि चीनी पत्रकारों को महज 90 दिनों के लिए यह वीजा मिलेगा। अगर किसी विदेशी पत्रकार को इससे अधिक दिनों तक रहना है तो उसे ‘डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी’ से समय बढ़ाने की मंजूरी लेनी पड़ सकती है या देश छोड़कर दोबारा आना पड़ सकता है।
छात्रों के लिए क्या है नियम?
ये नियम ग्रेजुएट छात्रों को किसी भी समय अपनी पढ़ाई छोड़ने या बिना अनुमति के किसी दूसरे स्कूल में ट्रांसफर होने से रोकते हैं। ये नियम डिग्री या ट्रेनिंग पूरी करने के बाद छात्रों को अमेरिका छोड़ने के लिए मिलने वाले समय को 60 दिन से घटाकर 30 दिन कर देते हैं।
इस नियम से पैदा होंगी मुश्किलें
DHS के पूर्व अधिकारी डग रैंड ने कहा, “अधिकतर अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय छात्रों का स्वागत करने और बेकार की कागजी कार्रवाई (red tape) को खत्म करने की अहमियत समझते हैं। यह नियम ठीक इसके उलट काम करेगा।”
कैटो इंस्टीट्यूट में इमिग्रेशन स्टडीज के डायरेक्टर डेविड जे. बीयर ने कहा कि नए नियमों में पढ़ाई और ट्रांसफर पर लगी पाबंदियों का कोई कानूनी आधार नहीं है। उन्होंने आगे कहा, “अंतरराष्ट्रीय छात्रों में से कई ने अमेरिका में कई साल बिताए होंगे, लेकिन अब उन्हें स्पॉन्सर करने वाला एम्प्लॉयर खोजने के लिए सिर्फ 30 दिन मिलेंगे, वरना उन्हें तुरंत अवैध प्रवासी मान लिया जाएगा। क्या इन लोगों को जरा भी अंदाजा नहीं है कि जिंदगी कैसे चलती है?”
ट्रंप प्रशासन क्यों कर रहा है बदलाव?
डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने कहा कि अमेरिका आने वाले विदेशी छात्रों, आने-जाने वाले लोग और विदेशी पत्रकारों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी के कारण इमिग्रेशन नियमों के पालन पर नजर रखना मुश्किल हो गया है। विभाग ने बताया कि 2024 में 18 लाख से अधिक स्टूडेंट वीजा एडमिशन हुए, जो पिछले साल के मुकाबले 11 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी है।
विभाग ने यह भी बताया कि अमेरिका ने 1 अक्टूबर 2023 से शुरू हुए वित्तीय वर्ष 2024 के दौरान 5 लाख से अधिक एक्सचेंज विजिटर्स और विदेशी मीडिया के 37,300 सदस्यों को वीजा जारी किए।
विभाग के अनुसार, ऐसे विजिटर्स की संख्या में भारी बढ़ोतरी “DHS के लिए इन नॉन-इमिग्रेंट्स पर अमेरिका में रहने के दौरान नजर रखने और उनकी निगरानी करने की क्षमता के लिए एक चुनौती पेश करती है।”
DHS ने यह भी कहा कि उसने ऐसे कई उदाहरण देखे हैं जिनमें छात्र और एक्सचेंज विजिटर्स मौजूदा सिस्टम के तहत दशकों तक अमेरिका में ही रह गए।
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अमेरिका के यूटा में एक व्यक्ति को भारतीय मूल के एक व्यक्ति पर कई बार चाकू से हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अदालती दस्तावेजों के अनुसार, शख्स ने बाद में पुलिस को बताया कि उसने पीड़ित को उसके धर्म के कारण निशाना बनाया और उसका इरादा मुसलमानों को जान से मारने का था। आरोपी ने पीड़ित से पहले पूछा कि ‘क्या आप मुसलमान हैं’ और फिर उस पर चाकू से 15 बार हमला किया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
