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आतंक पर लगाम: अमेरिका और छह खाड़ी देशों ने लश्कर-ए-तैयबा-हक्कानी-तालिबान की फंडिंग रोकने के लिये किया समझौता

अमेरिका और छह खाड़ी देशों ने लश्करे तैयबा, हक्कानी नेटवर्क और तालिबान जैसे आतंकवादी संगठनों का वित्तपोषण रोकने के लिये समझौता किया है।

Author वाशिंगटन | May 23, 2017 10:12 am
अमेरिका और छह खाड़ी देशों ने लश्करे तैयबा, हक्कानी नेटवर्क और तालिबान जैसे आतंकवादी संगठनों का वित्तपोषण रोकने के लिये समझौता किया है।

अमेरिका और छह खाड़ी देशों ने लश्करे तैयबा, हक्कानी नेटवर्क और तालिबान जैसे आतंकवादी संगठनों का वित्तपोषण रोकने के लिये समझौता किया है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने कहा, ‘अमेरिका और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के छह सदस्य देशों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ऐतिहासिक दौरे के दौरान रियाद में इससे संबंधित एक समझौते पर हस्ताक्षर किये। अमेरिका के साथ इस समझौते पर हस्ताक्षर करने वालों देशों में बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सउदी अरबिया और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने आतंकवाद वित्तपोषण लक्षित केन्द्र (टीएफटीसी) स्थापित करने संबंधी समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद कहा कि इसके साथ ही अमेरिका और जीसीसी के छह सदस्य देश ‘‘आईएसआईएस, अलकायदा, हिजबल्लाह, लश्करे तैयबा, तालिबान, हक्कानी नेटवर्क जैसे नये तथा उभरते आतंकवादी संगठनों से मुकाबला करेंगे। बयान में कहा गया कि यह गठबंधन ईरान, असद शासन और यमन की स्थिति समेत पश्चिम एशिया से उत्पन्न अन्य खतरों से भी निपटेगा।

गौरतलब है कि पिछले साल आई खबर में अमेरिका के एक शीर्ष कमांडर का कहना था कि पाकिस्तान-स्थित हक्कानी नेटवर्क अफगानिस्तान में मौजूद अमेरिका सेना के लिए ‘बड़ा’ खतरा बना हुआ था। उन्होंने आतंकवादी समूह को अमेरिका की मुख्य चिंता करार दिया था। पेंटागन के एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान अफगानिस्तान में अमेरिका और नाटो बलों के कमांडर जनरल जॉन निकोल्सन ने कहा, ‘हक्कानी अभी भी अमेरिकियों, हमारे गठबंधन के सहयोगियों और अफगानों के लिए सबसे बड़ा खतरा बना हुआ था।’ उन्होंने बताया, ‘पांच अमेरिकी नागरिक अभी भी हक्कानी के कब्जे में हैं। मझे लगता है कि हक्कानी नेटवर्क के बारे में सोचते हुए यह याद रखना आवश्यक है। वह हमारे लिए चिंता का मुख्य कारण बना हुआ है और उन्हें पाकिस्तान के भीतर पनाहगाह बना रखी है।’

वहीं इसी साल पेंटागन ने दावा किया था कि तालिबान और हक्कानी नेटवर्क जैसे अफगानिस्तान केन्द्रित आतंकवादी समूहों ने पाकिस्तानी सरजमीन से सरगर्मियां चलाने की आजादी बरकरार रखी है जबकि अमेरिका ने साफ लफ्जों में पाकिस्तान से आतंकवादी संगठनों के पनाहगाह खत्म करने को कहा था। पेंटागन ने अमेरिकी संसद को दी गई अपनी अर्धवार्षिक रिपोर्ट में कहा, ‘पाकिस्तानी सरजमीन के अंदर सरगर्मी चलाने की तालिबान और हक्कानी नेटवर्क समेत अफगानिस्तान केन्द्रित आतंकवादी समूहों के वरिष्ठ नेतृत्व की आजादी बरकरार है।’ रिपोर्ट में कहा गया है, ‘अमेरिका पाकिस्तान को यह स्पष्ट करना जारी रखे है कि सुरक्षा माहौल को सुधारने और आतंकवादी एवं चरमपंथी समूहों को पनाहगाह से वंचित करने के लिए उसे कौन से कदम उठाने चाहिए।’

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