ताज़ा खबर
 

रिपब्लिकन पार्टी के सिख नेता ने कभी नहीं किया ट्रंप के लिए वोट, कहा- उन्होंने US को कहीं ज्यादा विभाजित किया

भारतीय मूल के गुरविंदर सिंह खालसा ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि वह नैतिक रूप से राष्ट्रपति बनने योग्य हैं।"

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र वॉशिंगटन | November 20, 2020 2:00 PM
COVID-19, Coronavirus, Donald Trump, US President, Maskअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (फोटोः एजेंसी)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आम चुनाव में हारने के बाद अब उनके खिलाफ रिपब्लिकन पार्टी में ही खुलकर आवाजें उठने लगी हैं। एक प्रमुख भारतीय-अमेरिकी सिख नेता ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका को पहले से कहीं अधिक विभाजित कर दिया है और उनके कार्यकाल में देश की प्रतिष्ठा अंतरराष्ट्रीय मंच पर इतनी क्षतिग्रस्त हो गई है कि उसे सुधारने में कई वर्ष लग जाएंगे।

भारतीय मूल के गुरविंदर सिंह खालसा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘दोनों ओर चाहे डेमोक्रेट हो या रिपब्लिकन, लोकतंत्र पर काम जारी है… लोग उत्साहित हैं और इस बारे में बात करना चाहते हैं। चुनाव के ऐतिहासिक नतीजे दिखाते हैं कि दोनों ओर लोग यथास्थिति को बदलने को उतारू हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ हमारे समाज का पहले से कहीं अधिक ध्रुवीकरण हुआ है और हम अधिक विभाजित हैं, जितना की मैंने पिछले 25 साल में बतौर अमेरिकी देखा है। मुझे लगता है कि लोगों को इस बात की बेहद चिंता है कि उनका प्रतिनिधित्व कौन करेगा, खासकर कोविड-19 वैश्विक महामारी के समय।’’

पगड़ी के संबंध में परिवहन सुरक्षा प्रशासन की नीति को बदलने में उनके प्रयासों के लिए प्रतिष्ठित ‘रोजा पार्क्स ट्रेलब्लेज़र’ से सम्मानित खालसा (46) ने रिपब्लिकन पार्टी का सदस्य होने के बावजूद 2016 या इस साल हुए राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप को वोट नहीं दिया था। उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे नहीं लगता कि वह नैतिक रूप से राष्ट्रपति बनने योग्य हैं।’’

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 बढ़ते भारत को प्रतिद्वंद्वी मान रहा चीन, लोकतांत्रिक देशों से कराना चाहता है रिश्ते खराब- अमेरिकी रिपोर्ट में लिखा
2 आतंकी हाफिज सईद पर कसा शिकंजा, पाक कोर्ट से जमात उद दावा सरगना को दो अन्य मामलों में 10 साल कैद
3 चीन की नजर में बढ़ता भारत एक चुनौती: अमेरिकी रिपोर्ट; रणनीतिक साझेदारी में बीजिंग बन रहा बाधा
ये पढ़ा क्या ?
X