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अमेरिकी राज्य सचिव उत्‍तर कोरिया आए थे, मिलने की बजाय आलू के खेतों में घूमते रहे किम जोंग-उन

पोंपियों से मुलाकात करने की बजाए किम जोंग-उन चीन की सीमा से लगे समजियोंग के जुंघुंघ स्थित आलू की खेती को देखने गए थे। उन्होंने वहां कामगारों को हिदायत दी कि वे केवल उच्च उपज किस्मों वाले आलू की ही खेती करें।

उत्‍तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन (फोटो सोर्स- वीडियो स्क्रीनशॉट)

उत्तर कोरिया के तानाशाह नेता किम जोंग-उन आलू के खेतों में घूमने में इतने ज्यादा बिजी थे कि उन्होंने अमेरिकी राज्य सचिव माइक पोंपियो से मुलाकात तक नहीं की। पोंपियों इस वीकेंड उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयोंग में थे, वह 6 जुलाई को कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु मुक्त करने के बारे में प्रमुख रूप से चर्चा करने के उद्देश्य से वहां पहुंचे थे, लेकिन उनकी मुलाकात किम से नहीं हो सकी। माइक तीन दिन तक उत्तर कोरिया में रहे, लेकिन उनके इस दौरे को किम ने पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक अपने दौरे के शैड्यूल के बारे में माइक को उत्तर कोरिया के प्रशासन द्वारा पूरी जानकारी नहीं दी गई थी। बहुत सी बातें उन्हें बताई भी नहीं गई थी। माइक को यह भी नहीं पता था कि उनके ठहरने की व्यवस्था कहां की गई है और कई बार यह सवाल करने के बाद भी कि अमेरिकी राज्य सचिव की मुलाकात किम जोंग-उन से कब होगी, कोई जवाब नहीं दिया गया था। किम से मुलाकात करने की बजाए माइक की बैठक किम योंग-चोल के साथ शैड्यूल की गई थी। किम योंग-चोल वर्कर्स पार्टी की सेंट्रल कमिटी के सदस्य हैं और जनरल भी हैं। उन्हें किम जोंग-उन का दायां हाथ कहा जाता है।

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पोंपियों से मुलाकात करने की बजाए किम जोंग-उन चीन की सीमा से लगे समजियोंग के जुंघुंघ स्थित आलू की खेती को देखने गए थे। उन्होंने वहां कामगारों को हिदायत दी कि वे केवल उच्च उपज किस्मों वाले आलू की ही खेती करें। आपको बता दें कि माइक पोंपियों शुक्रवार से रविवार तक प्योंगयोंग में थे, वह उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम खत्म करने के लिए समय सीमा और पद्धति पर चर्चा करने के उद्देश्य से नॉर्थ कोरिया गए थे। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व किम ने सिंगापुर में 12 जून को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें उत्तर कोरिया ने अमेरिका की तरफ से सुरक्षा की गारंटी के बदले अपनी धरती को ‘पूरी तरह परमाणु मुक्त’ करने की अपनी वचनबद्धता प्रकट की थी। सिंगापुर शिखर सम्मेलन के बद पोंपियो की उत्तर कोरिया के अधिकारियों के साथ बैठक पहली उच्च स्तरीय वार्ता थी।

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