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भारत के उत्तरी बॉर्डर पर चीन ने जुटा लिए हैं 60 हजार सैनिक- LAC विवाद के बीच US विदेश मंत्री की चेतावनी

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा कि क्वाड देशों पर चीन की कम्युनिस्ट पार्टियों की ओर पैदा किए गए खतरों का जोखिम बढ़ रहा है।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र वॉशिंगटन | Updated: October 10, 2020 11:59 AM
Mike Pompeo, S Jaishankarअमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के बीच हाल ही में जापान के टोक्यो में बैठक हुई थी। (फोटो- पीटीआई)

भारत और चीन के बीच लद्दाख स्थित एलएसी पर पिछले पांच महीने से ज्यादा समय से तनाव जारी है। इस दौरान चीन ने आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए भारत के कई क्षेत्रों में घुसपैठ की कोशिश की है। चीनी सेना- पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने कई क्षेत्रों पर अवैध तरीके से कब्जा कर वहां से पीछे हटने से भी इनकार कर दिया है। अब अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने चेतावनी दी है कि भारत को उत्तरी सीमा के पास चीन ने 60 हजार जवान जुटा लिए हैं, जिनका भारत को सामना करना है। पोम्पियो ने चीन पर निशाना साधते हुए कहा कि उसका खराब व्यवहार क्वाड में शामिल देशों के लिए खतरा पैदा कर रहा है।

पोम्पियो ने यह बातें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच टोक्यो में हुई क्वाड बैठक से अमेरिका लौटने के बाद एक टीवी इंटरव्यू के दौरान कही हैं। पोम्पियो ने बताया- “मैं कुछ ही समय पहले भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान के अपने समकक्ष मंत्रियों के साथ बैठक- जिसे हम क्वाड कहते हैं में हिस्सा ले रहा था। यह चार बड़े लोकतंत्रों और अर्थव्यवस्थाओं से बना समूह है। इन सभी देशों पर चीन की कम्युनिस्ट पार्टियों की ओर पैदा किए गए खतरों का जोखिम भी है। इन सभी देशों को यह मालूम है।”

पोम्पियो ने आगे कहा, “क्वाड के साथी देशों को मालूम है कि वे इस (चीन के) मुद्दे पर काफी समय तक निष्क्रिय थे। दशकों तक पश्चिमी देशों ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी को मौके देना जारी रखा। पिछले प्रशासन ने खुद को झुका लिया था और चीन को हमारी बौद्धिक संपदा और करोड़ों नौकरियां चुराने का मौका दिया था। यह क्वाड देशों ने अपने यहां भी देखा है।”

एक अन्य चैनल को दिए इंटरव्यू में भी पोम्पियो ने हिमालय में चीनी सेना की घुसपैठ के मुद्दे पर बात रखी। उन्होंने कहा कि यह बेहद जरूरी है अमेरिका क्वाड देशों का साथी बने और इस लड़ाई में उनकी मदद करे। क्योंकि सबने चीन को पहचान लिया है। चाहे वो भारत हो, जिसका हाल ही में हिमालय के हिस्से में चीनी सैनिकों के साथ झड़प हुई है। चीन अब उत्तर में भारत के खिलाफ बड़ी सेना जुटाने में लगा है। वहीं ऑस्ट्रेलिया भी कोरोनावायरस पर सवाल उठाने के लिए चीनी आक्रामकता का सामना कर रहा है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी उसे डराने के लिए उगाही की कोशिशें तक कर रही है।

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