ताज़ा खबर
 

US में दीपावली, ईद को स्कूल के छुट्टी के कैलेंडर में किया शामिल

एक अमेरिकी स्कूल डिस्ट्रिक्ट ने स्कूल प्रणाली के इतिहास में पहली बार दीपावली, ईद उल अजहा और चीनी लूनर न्यू ईयर्स ईव को स्कूल के छुट्टी कैलेंडर में शामिल करने के लिए सर्वसम्मति से वोट दिया है।

Author वाशिंगटन | January 17, 2016 2:27 AM
ISAC, school district, Eid, Diwali, eid, diwali holiday in usप्रतीकात्मक तस्वीर

एक अमेरिकी स्कूल डिस्ट्रिक्ट ने स्कूल प्रणाली के इतिहास में पहली बार दीपावली, ईद उल अजहा और चीनी लूनर न्यू ईयर्स ईव को स्कूल के छुट्टी कैलेंडर में शामिल करने के लिए सर्वसम्मति से वोट दिया है। भारतीय अमेरिकी समुदाय ने हावर्ड काउंटी पब्लिक स्कूल सिस्टम के इस निर्णय को ‘ऐतिहासिक’ बता कर इसकी प्रशंसा की। हावर्ड काउंटी पब्लिक स्कूल सिस्टम 71 स्कूलों का प्रबंधन करता है और इनमें करीब 50,000 छात्र पढ़ते हैं।

आठ सदस्यीय बोर्ड आॅफ एजुकेशन ने इस संबंधी प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी जिसके बाद बोर्ड की अध्यक्ष क्रिस्टीन ओ’कॉनर ने कहा, ‘मैं हावर्ड काउंटी के छात्रों और उनके परिवारों की विविध पृष्ठभूमियों को स्वीकार करने के तरीके खोजने पर सर्वसम्मति से सहमत होने और इस पर चर्चा करने की बोर्ड की क्षमता से बहुत खुश हूं।’ क्रिस्टीन ने कहा, ‘हम कैलेंडर को लचीला बनाने की सर्वश्रेष्ठ कोशिश करना चाहते हैं ताकि सभी छात्रों को हमारे समुदाय में सभी संस्कृतियों का अनुभव लेने के अवसर मिल सकें।’ बोर्ड सदस्य जेनेट सिद्दीकी ने इस संंबंध में प्रस्ताव पेश किया था।

हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन के शिक्षा निदेशक मुरली बालाजी ने कहा, ‘यह प्रस्ताव पारित करके हावर्ड काउंटी बोर्ड आॅफ एजुकेशन ने चर्च और राज्य के बीच दूरी (धर्मनिरपेक्षता) की भावना का उल्लंघन किए बिना विविध धार्मिक छुट्टियों की अनुमति देने की दिशा में अहम काम किया है।’ एचएएफ और चिन्मय मिशन ने एक याचिका शुरू की थी जिस पर तीन सप्ताह में 250 से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए और बोर्ड को दीपावली को कैलेंडर में शामिल करने के संबंध में अभिभावकों के करीब 500 इमेल मिले थे।

Next Stories
1 सुलझ गई नेताजी की सबसे बड़ी मिस्ट्री, जानें क्या है सच कैसी हुई थी बोस की मौत
2 पाकिस्‍तान: ईशनिंदा का आरोप लगा तो 15 साल के लड़के ने हाथ काटकर धर्मगुरु को प्‍लेट में किया पेश
3 भारत को पड़ोसी के रूप में नहीं देखना चाहते चीनी नागरिक, पाकिस्‍तान को मानते हैं बेहतर
ये पढ़ा क्या?
X