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संघर्ष विराम लागू करने की कोशिश नाकाम, सीरियाई सेना का अलेप्पो पर हमला

विद्रोहियों ने 2012 के बाद से पूर्वी अलेप्पो को अपने कब्जे में कर रखा है और वहां के करीब 2,50,000 निवासी सितंबर की शुरुआत से घेराबंदी में रह रहे हैं।
Author न्यूयॉर्क | September 23, 2016 13:11 pm
सीरिया के अलेप्पो शहर के नजदीक विद्रोहियों के कब्जे वाले अल-कातरजी में हवाई हमले के बाद वहां से घायल बच्चे को निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले जाता एक व्यक्ति। (REUTERS/Abdalrhman Ismail/21 Sep, 2016/File)

सीरिया में शांति योजना को बचाने में अमेरिका और रूस के नाकाम रहने के बाद सीरियाई शासन ने विद्रोहियों के कब्जे वाले पूर्वी अलेप्पो में ताजा हमला किया। अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी और रूस के विदेश मंत्री सर्जेई लावरोज ने इस संकट के समाधान के लिए न्यूयॉर्क में आयोजित वार्ता में दो दर्जन अंतरराष्ट्रीय दूतों को एकत्र किया। अमेरिका ने रूस से कहा कि वह सीरियाई सत्ता की वायुसेना को हमला करने से तत्काल रोकने का वादा करे लेकिन रूस से ऐसा करने से इनकार कर दिया जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय सीरिया समर्थन समूह की बैठक समाप्त हो गई। केरी ने कहा कि वह इस सप्ताह असफल हुए संघर्षविराम को फिर से लागू करने के तरीकों को खोजने के लिए रूसी अधिकारियों से फिर से मिलने के लिए तैयार हैं लेकिन राजनयिक इसे लेकर निराशावादी थे। केरी ने गुरुवार (22 सितंबर) को संवाददाताओं से कहा, ‘इसे हासिल करने का एकमात्र मार्ग यह है कि संघर्ष के उस क्षेत्र में जिनके पास वायु शक्ति है, वे इसका इस्तेमाल करना बंद कर दें।’ संयुक्त राष्ट्र शांति दूत स्टाफन डी मिस्तुरा ने इसे एक ‘लंबी, दु:खदायी एवं निराशाजनक बैठक’ बताया लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और रूस संघर्षविराम को लेकर गंभीर हैं।

उन्होंने अमेरिका और रूस की इस पहल को ‘कमजोर करने’ के लिए अनाम अन्य पक्षों को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि ‘वे अब भी कोशिश कर रहे हैं, इसलिए इसे निरर्थक घोषित करना गलत होगा।’ मिस्तुरा ने जमीनी स्तर पर हो रहे घटनाक्रम के बारे में कहा, ‘इस बीच अलेप्पो पर हमला हो रहा है और हर कोई संघर्ष की स्थिति में वापस जा रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘इसे सफल बनाने या समाप्त करने के लिए आगामी कुछ घंटे, दिन महत्वपूर्ण होंगे।’ दमिश्क में सीरिया सेना ने संघर्षविराम का उल्लंघन करते हुए नया हमला शुरू किया और अलेप्पो के निवासियों से ‘आतंकवादियों के ठिकानों’ से दूर रहने की अपील की। लंदन स्थित निगरानी संस्था ‘सीरियन आब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स’ ने इस ताजा हमले को ‘रूसी हवाई हमलों के समर्थन से जमीन पर बड़े स्तर पर किया गया हमला’ बताया। एक संवाददाता ने विद्रोहियों के कब्जे वाले अलेप्पो के पूर्व में दर्जनों परिवारों को वहां से सुक्कारी जिले जाते देखा। इससे पहले विद्रोहियों के कब्जे वाले अलेप्पो के आसपास रातभर हुई बमबारी के बाद बड़े स्तर पर आग लग गई। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इस बमबारी में इस्तेमाल किए गए बमों को फास्फोरस बम बताया है।

विद्रोहियों ने 2012 के बाद से पूर्वी अलेप्पो को अपने कब्जे में कर रखा है और वहां के करीब 2,50,000 निवासी सितंबर की शुरुआत से घेराबंदी में रह रहे हैं। सीरिया में जारी संघर्ष में वर्ष 2011 से तीन लाख से अधिक लोग मारे गए हैं और आधी से अधिक जनसंख्या को अपने घर छोड़कर जाना पड़ा है। केरी और लावरोव ने नौ सितंबर को जिनेवा में बैठक की थी और संघर्षविराम लागू करने पर सहमति जताई थी। रूस की जिम्मेदारी असद के बलों को रोकने और संयुक्त राष्ट्र के सहायता मुहैया कराने वाले काफिलों को अंदर जाने देने की अनुमति देने की थी। अमेरिका की जिम्मेदारी विपक्षी विद्रोही बलों पर संघर्षविराम का पालन करने का दबाव बनाने की थी लेकिन दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर इसका पालन नहीं किए जाने का आरोप लगाया और इस सप्ताह सोमवार को सीरियाई सेना ने संघर्षविराम समाप्त होने की घोषणा की। राजनयिकों का मानना है कि अमेरिका-रूस जिनेवा प्रक्रिया पांच वर्ष पुराने संघर्ष को समाप्त करने की एक मात्र उपलब्ध उम्मीद है लेकिन मॉस्को एवं वाशिंगटन में असाधारण रूप से मतभेद हो गया।

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