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कौन हैं भारतीय मूल की कमला हैरिस, जिसे डेमोक्रेट्स ने बनाया अमेरिकी उप राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार

2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रपति पद के दावेदार जो बाइडेन ने कमला हैरिस को उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में चुना है। हैरिस, एक प्रमुख पार्टी द्वारा राष्ट्रीय कार्यालय के लिए नामित होने वाली पहली अश्वेत महिला और भारतीय मूल की पहली व्यक्ति हैं।

us presidential election, president candidate, kamla harris,कमला हैरिस कैलिफोर्निया की पूर्व अटॉर्नी जनरल रह चुकी हैं। (फोटोः एपी)

अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बाइडेन ने उपराष्ट्रपति पद के लिए भारतीय मूल की सीनेटर कमला हैरिस को चुना है। ऐसा पहली बार हुआ है, जब कोई अश्वेत महिला देश की किसी बड़ी पार्टी की ओर से उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनी हैं।

यदि हैरिस उपराष्ट्रपति बन जाती हैं, तो वह इस पद पर काबिज होने वाली अमेरिका की पहली महिला होंगी और देश की पहली भारतीय-अमेरिकी और अफ्रीकी उपराष्ट्रपति होंगी। हैरिस (55) के पिता अफ्रीकी और मां भारतीय हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से पहले राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारी के लिए वह जो बाइडेन (मौजूदा राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार) की प्रतिद्वंद्वी रह चुकी हैं। कमला हैरिस को एक व्यावहारिक उदारवादी नेता के रूप में जाना जाता है।

साल 2016 में सीनेटर चुने जाने से पहले कमला हैरिस एक जानी मानी वकील के रूप में मशहूर थीं।  हैरिस का जन्म कैलिफोर्निया के ऑकलैंड में हुआ था। वह कैलिफोर्निया की पूर्व अटॉर्नी जनरल और सैन फ्रांसिस्को जिले के अटॉर्नी रह चुकी हैं।

हैरिस ने साल 2019 में मार्टिन लूथर किंग के जन्मदिन पर खुद के राष्ट्रपति पद के दावेदार के रूप में घोषणा की थी। उन्होंने खुद को इतिहास बनाने वाली उम्मीदवार के रूप में पेश किया। उन्होंने न्यूयॉर्क कांग्रेस की महिला सदस्य शर्ली चिशहोम को श्रद्धांजलि दी। वह डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से उम्मीदवारी की दावेदारी करने वाली पहली महिला बनी थीं।

एक वकील के रूप में हैरिस 2004 से 2011 तक सैन फ्रांसिस्को जिले की अटॉर्नी थी। वह 2011 से 2017 तक कैलिफोर्निया की अटॉर्नी जनरल रहीं। उनकी वकालत की पृष्ठभूमि उप राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान एक प्रमुख विषय रहेगा और आम चुनाव में लगभग निश्चित रूप से इसकी चर्चा की जाएगी। विशेष रूप से जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के बाद से पुलिस की बर्बरता और प्रणालीगत नस्लवाद पर राष्ट्रीय आक्रोश के मुद्दे पर।

हैरिस ने खुद को एक “प्रगतिशील वकील” बताती है। उनका तर्क है कि आपराधिक न्याय प्रणाली की गहरी असमानताओं का सामना करते हुए अपराध पर सख्त होना संभव है। वह कहती हैं कि वह एक वकील बनीं क्योंकि उन्हें विश्वास था कि वह इस प्रणाली को सबसे बेहतर तरीके से बदल सकती है। उनका यह संदेश जो कि राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में उनकी दावेदारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।

मतदाता हैरिस को न्याय प्रणाली में बदलाव लाने के लिए उन पर भरोसा कर सकता है। इसकी वजह है कि वह इसे अंदर से लेकर बाहर तक जानती हैं। 2016 में सीनेट के लिए चुनी गईं हैरिस एक दशक से अधिक समय में चैम्बर की पहली अश्वेत महिला थीं।

कैलिफोर्निया की जूनियर सीनेटर के रूप में अपने अपेक्षाकृत संक्षिप्त समय के दौरान, वह ट्रम्प प्रशासन के अधिकारियों और प्रत्याशियों के गहन पूछताछ के लिए जानी जाती हैं। हैरिस, जॉर्ज फ्लाइड की हत्या के जवाब में नस्लीय न्याय कानून की मुखर समर्थक रही हैं, जो पुलिसिंग में बदलाव के प्रस्तावों का समर्थन करते हैं और लिंचिंग को एक संघीय अपराध बनाते हैं।

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