ईरान पर अमेरिकी के हमले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम (सीजफायर) खत्म हो गया है। हालांकि बातचीत जारी रहेगी। उन्होंने तेहरान में बैठी इस्लामिक सरकार को बीमार बताया। ट्रंप ने यह बात तब कही गई है जब अमेरिकी सेना ने होर्मुज में कमर्शियल जहाजों पर हमले से नाराज होकर ईरान पर हमले किए हैं। वहीं ईरान ने भी कहा कि उसने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सेना के 85 ठिकानों को निशाना बनाया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि यह खत्म हो गया है। मैं अब उनसे कोई डील नहीं करना चाहता। वे घटिया लोग हैं… उन्हें बीमार लोग लीड कर रहे हैं… मैं अपने नेगोशिएटर्स से बात करूंगा। वे नेगोशिएट करना चाहते हैं वे अच्छे लोग हैं… लेकिन उन्हें मेरे पास वापस आना होगा। जहां तक मेरा सवाल है, उनसे डील करना बस टाइम वेस्ट है।”
ट्रंप इस समय तुर्की की राजधानी अंकारा में हैं जहां वह नाटो शिखर सम्मेलन में शिरकत कर रहे हैं। यहां जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान के साथ युद्धविराम अब खत्म हो गया है, तो उन्होंने कहा, “मेरे हिसाब से तो यह खत्म हो गया है।” उन्होंने कहा कि ईरान के साथ डील करना बस समय की बर्बादी है।
बहरीन और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया-ईरान
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि उन्होंने बहरीन और कुवैत में 85 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया और इस अभियान को अमेरिका द्वारा युद्धविराम के उल्लंघन के जवाब के रूप में बताया।
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा कि उसने बहरीन के पांचवें नौसैनिक जिले बंदर सलमान और कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए एक संयुक्त मिसाइल और ड्रोन अभियान चलाया। आईआरजीसी ने आगे कहा कि उसने अभियान में बाधा डालने की कोशिश कर रहे एक अमेरिकी एमक्यू9 ड्रोन को भी मार गिराया।
मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात को होर्मुज जलमार्ग में तीन टैंकरों पर गोले दागे जाने के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान पर नए हमले किए। वाशिंगटन ने तेहरान को तेल बेचने की अनुमति देने वाला लाइसेंस भी रद्द कर दिया, जिससे पहले से ही नाजुक युद्धविराम के बीच क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। ईरान ने कहा है कि वह भी इसी तरह जवाब देगा।
80 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया-अमेरिका
अमेरिकी केंद्रीय कमान ने कहा कि उसने ईरान में 80 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया है और इन हमलों को तेहरान द्वारा वाणिज्यिक जहाजों पर किए गए हालिया हमलों की “तत्काल प्रतिक्रिया” बताया है। सेंटकॉम के अनुसार, इन हमलों में ईरानी वायु रक्षा प्रणालियों, कमान और नियंत्रण नेटवर्क, तटीय रडार साइटों, जहाज-रोधी मिसाइल क्षमताओं और होर्मुज और उसके आसपास के क्षेत्र में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर की 60 से अधिक छोटी नौकाओं को निशाना बनाया गया।
एक बयान में कहा गया है कि अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलमार्ग में और उसके आसपास ईरानी वायु रक्षा प्रणालियों, कमान और नियंत्रण नेटवर्क, तटीय रडार स्थलों, जहाज-रोधी मिसाइल क्षमताओं और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर की 60 से अधिक छोटी नौकाओं पर हमला किया, ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार गलियारे के माध्यम से प्रवाहित होने वाले अंतरराष्ट्रीय वाणिज्य पर हमला जारी रखने की ईरान की क्षमता को कमजोर किया जा सके।
सेंटकॉम ने आगे कहा कि ईरानी सेना द्वारा की गई यह अनुचित आक्रामकता युद्धविराम का स्पष्ट और खतरनाक उल्लंघन है और नौवहन की स्वतंत्रता को कमजोर करती है।
ईरान-अमेरिका के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। बुधवार तड़के अमेरिकी सेना ने ईरान पर नए हवाई हमले किए। यह कार्रवाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में तीन व्यापारिक जहाजों पर हमले के कुछ घंटों बाद हुई। दोनों देशों के बीच यह ताजा सैन्य कार्रवाई उस अंतरिम समझौते पर खतरा पैदा कर सकती है जिसका उद्देश्य संघर्ष को खत्म करना था। पढ़ें पूरी खबर।
