अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान उनसे बातचीत करना चाहता है लेकिन अब बहुत देर हो चुकी है। ट्रंप ने यह भी कहा है कि ईरान का एयर डिफेंस, एयरफोर्स, नेवी और लीडरशिप खत्म हो चुके हैं। इस बीच, अमेरिका और इजरायल की ओर से लगातार ईरान पर हमले किए जा रहे हैं तो ईरान भी इन हमलों का पुरजोर ढंग से जवाब दे रहा है।
बीते दिन डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया था कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान चार या पांच सप्ताह जारी रह सकता है। उन्होंने कहा था कि अमेरिका के पास सैन्य अभियान को इससे कहीं ज्यादा वक्त तक चलाने की क्षमता है।
ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि परमाणु हथियारों और लंबी दूरी की मिसाइलों से लैस ईरान न केवल मध्य पूर्व बल्कि अमेरिकी जनता के लिए भी खतरा होगा। ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका लगातार ईरान को रोकने के लिए दबाव बना रहा था।
डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए एक इंटरव्यू में जमीनी स्तर पर अमेरिका सेना को भेजने की संभावना से इनकार नहीं किया था।
जारी है अमेरिका-इजरायल का सैन्य अभियान
ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल का सैन्य अभियान लगातार चौथे दिन जारी है और इसके थम जाने के कोई संकेत नहीं दिखाई देते। इजरायल ने कहा है कि उसकी वायुसेना ने ईरान में कई महत्वपूर्ण सरकारी ठिकानों पर हमले किए हैं। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।
युद्ध के बीच ही ईरानी रेड क्रीसेंट सोसायटी ने बताया है कि इजरायल और अमेरिका के हवाई हमलों में अब तक ईरान में कम से कम 787 लोगों की मौत हुई है। बीते शनिवार को इजरायल और अमेरिका के द्वारा ईरान पर किए गए हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत होने के बाद पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ गया है।
नेतन्याहू ने बताया ईरान पर क्यों किया अटैक
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमला इसलिए किया क्योंकि ईरान ने अपना परमाणु कार्यक्रम फिर से शुरू कर दिया था। क्लिक कर पढ़िए पूरी खबर।
