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बीवी-बेटी तक ने किया ट्रंप की इस नीति का विरोध, ”टाइम” ने कवर से किया करारा वार

ट्रंप टाइम के मुख्य पृष्ठ पर ट्रंप एक रोते हुए बच्ची के सामने खड़े हैं। बच्ची हाथ मोड़े हुए ट्रंप की ओर देख रही है। पीछे गहरे लाल रंग की पृष्ठभूमि है। ट्रंप के चेहरे पर एक फीकी सी हंसी है। पत्रिका में सफेद छोटे अक्षरों में लिखा है वेलकम टू अमेरिका।

टाइम पत्रिका ने कवर पेज पर राष्ट्रपति ट्रंप की पूर्व की अप्रवासी नीति पर करारा प्रहार किया है। (फोटो-twitter/@TIME)

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर से विख्यात टाइम पत्रिका के कवर पेज पर हैं। लेकिन इस पत्रिका के कवर पेज पर आने की जो वजह है वो निश्चित रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति की प्रतिष्ठा के लिए ठीक नहीं है। दरअसल टाइम पत्रिका ने राष्ट्रपति ट्रंप की अप्रवासी नीति की तीखी आलोचना करते हुए इस मुद्दे को अपनी कवर स्टोरी बनाई है। यहां यह बताते चलें कि चौतरफा दवाब के बाद ट्रंप ने इस नीति को बदल दिया है। इस नीति की वजह से ट्रंप को अपनी पत्नी मेलिनिया और बेटी इवांका के विरोध और आलोचना का भी सामना करना पड़ा था। तब राजनीतिक मसलों पर टिप्पणी ना करने वाली ट्रंप की पत्नी मेलानिया ने कहा था कि अमेरिकी सरकार को नई नीति वापस न लेना पड़े इसके लिए ये जरूरी है कि प्रवासियों के साथ घट रही ऐसी घटनाओं पर तत्काल रोक लगाई जाए। अब 2 जुलाई 2018 के टाइम पत्रिका के संस्करण में इस मुद्दे को विस्तार से उठाकर इसे और भी हवा दे दी गई है। टाइम ने अपने ट्वीट में लिखा है कि हम किस तरह के देश में रहते हैं। ट्रंप टाइम के मुख्य पृष्ठ पर ट्रंप एक रोते हुए बच्ची के सामने खड़े हैं। बच्ची हाथ मोड़े हुए ट्रंप की ओर देख रही है। पीछे गहरे लाल रंग की पृष्ठभूमि है। ट्रंप के चेहरे पर एक फीकी सी हंसी है। पत्रिका में सफेद छोटे अक्षरों में लिखा है वेलकम टू अमेरिका।

अब हम इस बच्ची की तस्वीर की कहानी आपको बताते हैं। दरअसल दो साल की ये बच्ची होंडूरास की है। बच्ची की मां को टेक्सास में गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद बच्ची को मां से अलग कर दिया था। इसके बाद बच्ची की रोती हुई तस्वीरें पुलित्जर पुरस्कार विजेता फोटो पत्रकार जॉन मूर ने खींची थी। ये तस्वीर दुनिया में वायरल हो गई और इसकी वजह से अमेरिका के अप्रवासी नीति को घनघोर आलोचना हुई। पहले अमेरिका के अप्रवासी नियमों के तहत यहां पर बच्चों समेत अवैध रूप से प्रवेश करने वाले लोगों से उनके बच्चे अलग कर दिये जाते थे और उन्हें अलग रखा जाता था।पिछले कुछ हफ्तों में ऐसे 2,500 बच्चों को उनके मां-बाप से जुदा किया गया। हालांकि जबर्दस्त आलोचना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 21 जून को अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर प्रवासी परिवारों को अलग करने की कार्रवाई पर रोक लगाने वाले एक सरकारी आदेश पर अपनी मुहर लगा दी।

हालांकि देश में अवैध रूप से प्रवेश करने वालों के खिलाफ ट्रंप का सख्त रवैया अभी भी बरकरार है। शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर करने के बाद ट्रंप ने व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम परिवारों को साथ रखेंगे और इससे समस्या सुलझ जाएगी। साथ ही हम सीमा पर सख्ती बनाए रखेंगे और इस संबंध में कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति बरकरार रहेगी। हम उन लोगों को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे जो देश में अवैध रूप से प्रवेश करते हैं।’’

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